MP: सेज समूह के दो दर्जन से अधिक ठिकानों पर आयकर के छापे,एक करोड़ की नकद राशि सहित कई दस्तावेज बरामद

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भोपाल। शिक्षा और निर्माण क्षेत्र  से जुड़े सेज समूह पर बुधवार को आयकर विभाग ने छापामार कार्यवाही की। भोपाल, इंदौर और होशंगाबाद में समूह के 26 ठिकानों पर दो सौ से ज्यादा आयकर विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एक साथ सुबह छह बजे पहुंचे। इस दौरान एक करोड़ रुपये से अधिक नकद राशि बरामद की गई। अचल संपत्ति के काफी दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं। वहीं एक दर्जन लॉकर्स की जानकारी भी मिली है। समूह राजधानी में एक बड़ा अस्पताल खोलने की भी तैयारी में है।

दरअसल,आयकर विभाग को उक्त समूह के नित नए कारोबार फैलने व इसकी तुलना में कर अदायगी नहीं होने की शिकायत मिली थी। इसके बाद विभाग ने पूरी तैयारी के साथ समूह के भोपाल, इंदौर और होशंगाबाद के 26 ठिकानों पर एक साथ दबिश दी।
भोपाल में ही आयकर दल नेे समूह के मुख्य महाप्रबंधक संजीव अग्रवाल के अरेरा कालोनी स्थित आवास ई-2, महाराणा प्रताप नगर जोन-2 में सेज के कार्यालय सहित अन्य जगहों पर छापे डाले।

अग्रवाल के इन ठिकानों से जांच दल ने लैपटॉप, पेन ड्राइव जब्त किए। कार्रवाई के दौरान न तो कंपनी के किसी कर्मचारी को बाहर जाने दिया गया है और न ही किसी को अंदर आने की अनुमति दी गई।

एक करोड़ नकद बरामद
पहले दिन की जांच में ही आयकर टीम को समूह के ठिकानों से एक करोड़ रुपये की नकद राशि मिली। इसे बरामद किया गया। इसके अलावा बड़ी संख्या में अचल संपत्ति के दस्तावेज भी मिले हैं। इससे जुड़े लेन-देन की जांच की जा रही है। इसमे यह भी देखा जा रहा है कि कहीं ये बेनामी तो नहीं हैं।

मेडिकल कॉलेज खोलने की थी तैयारी
छापे की कार्यवाही के दौरान बरामद दस्तावेजों से पता चला कि सेज समूह राजधानी भोपाल में चिकित्सा महाविद्यालय व एक बड़ा अस्पताल खोलने की तैयारी भी कर रहा है। छापा दल ने समूह के इस प्रस्ताव को भी जांच के दायरे में शामिल किया। समूह का कारोबार जिस तरह फैला हुआ,उसे देखते हुए यह पड़ताल तीन-चार दिन चलने की संभावना जताई जा रही है।

एक दशक पहले भी पड़ा था छापा
सेज समूह के राजधानी में दो स्कूल,पांच इंजीनियरिंग कॉलेज,भोपाल व इंदौर में विश्वविद्यालय,रायसेन जिले की गौहरगंज तहसील अंतर्गत बड़ी औद्योगिक इकाई,इसी मार्ग पर बड़ी मात्रा में जमीन खरीदी में निवेश आदि है। इसके अलावा उसके शहर में रियल इस्टेट कारोबार अंतर्गत कई प्रोजेक्ट हैं। आयकर विभाग ने वर्ष 2011 में भी इस समूह के खिलाफ छापा कार्यवाही की थी। तब समूह ने तीस करोड़ की ऐसी आय घोषित की थी,जिस पर कर नहीं चुकाया गया था। इसके बाद सेज समूह अस्तित्व में आया।

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