MP: मीना, डफरिया व अशोक नगर कलेक्टर सेवानिवृत,नए सिरे से होगी मैदानी जमावट

भोपाल। राज्य सरकार एक बार फिर जल्द ही मैदानी स्तर पर नए सिरे से जमावट करेगी। अशोकनगर कलेक्टर डॉ. मंजू शर्मा मंगलवार को सेवानिवृत्त हो गईं। उनके स्थान पर शीघ्र ही नए कलेक्टर की पदस्थापना की जाएगी। वहीं, अपर मुख्य सचिव प्रेमचंद्र मीना, सचिव नगरीय विकास एवं आवास प्रकाश जांगड़े और रवि डफ रिया भी मंगलवार को सेवानिवृत्त हुए।
अधिकारिक सूत्रों के अनुसार, तीन वरिष्ठ अधिकारियों की सेवानिवृत्ति के कारण खाली हुए पदों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार एक बार फिर प्रशासनिक जमावट में बदलाव कर सकती है। फिलहाल मुख्यमंत्री की व्यस्तता एवं प्राथमिकता मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर है। इसी सिलसिले में वह बीते दो दिन से दिल्ली में थे। मंगलवार को भोपाल लौटते ही उन्होंने भाप्रसे के दो कनिष्ठ अधिकारियों व भावसे के आधा दर्जन से अधिक अधिकारियों की पदस्थापनाओं में भी बदलाव किया। इनके अलावा परिवहन विभाग के भी कुछ मैदानी अधिकारी इधर से उधर किए गए। मंगलवार को भाप्रसे के तीन वरिष्ठ अधिकारी सेवानिवृत हुए।
इनमें आदिम जाति अनुसंधान एवं विकास संस्थान के संचालक प्रेमचंद मीना,नगरीय विकास एवं आवास विभाग के सचिव प्रकाश जांगड़े एवं भाप्रसे के एक अन्य अधिकारी रवि डफ रिया शामिल हैं। मीना अपर मुख्यसचिव स्तर के अधिकारी हैं,लेकिन पूर्ववर्ती सरकार में उजागर हुए हनीट्रेप मामले में उनका नाम आने के बाद उन्हें मंत्रालय से हटाकर लूप लाइन में पदस्थ कर दिया गया था।
एसीएस का एक पद मिला,मिश्रा होंगे पदोन्नत
मीना के सेवानिवृत्त होने से अपर मुख्य सचिव का एक पद खाली हो गया है। वरिष्ठता के मान से गृह विभाग के प्रमुख सचिव शिव नारायण मिश्रा पदोन्नत हो जाएंगे। इसके लिए विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक हो चुकी है। सचिव नगरीय विकास एवं आवास के पद पर श्री जांगरे की जगह पूर्व में ही मैदानी पदस्थापना से हटाकर मंत्रालय पदस्थ किए गए अजय गंगवार की पदस्थापना की जा चुकी है।
इसी तरह,मैदानी पदस्थापनाओं में पूर्व में हुए फेरबदल के दौरान अशोकनगर कलेक्टर डॉ.मंजू शर्मा के नाम पर भी विचार किया गया था,लेकिन उनकी सेवानिवृत्ति तिथि नजदीक होने से तब उनका तबादला रुक गया था।
जारी रहेगा सामान्य तबादलों पर प्रतिबंध
सूत्रों के अनुसार,मैदानी स्तर पर प्रस्तावित फे रबदल में अशोकनगर कलेक्टर समेत कुछ अन्य जिलों के कलेक्टर भी बदले जा सकते हैं,लेकिन तत्काल इसकी संभावना कम है। मंत्रिमंडल विस्तार व नए मंत्रियों को विभागों का वितरण होने के बाद ही इसके आसार हैं।
इनके अलावा मंत्रिमंडल विस्तार के बाद विभागों में भी अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव होगा। साथ ही जिलों में भी प्रभारी मंत्री नए सिरे से जमावट जमाएंगे। माना जा रहा है कि इस वर्ष अब सामान्य तबादलों पर से प्रतिबंध नहीं हटाया जाएगा। राज्य स्तरीय तबादले मुख्यमंत्री समन्वय से अनुमति लेने के बाद होंगे। जिले के भीतर तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के तबादले करने का अधिकार प्रभारी मंत्रियों को दिया जाएगा।

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