60 दिन हो गए पूरे देश में लॉकडाउन के

 
नई दिल्ली 

चीन के वुहान शहर से पूरी दुनिया में फैले कोरोना वायरस के कहर को भारत में कम करने के लिए केंद्र सरकार ने देशव्यापी लॉकडाउन जैसा कड़ा कदम उठाया था. 24 मार्च की रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब लॉकडाउन की घोषणा पहली बार की थी, तब लोगों को इस बात का अंदाजा शायद ही रहा होगा कि दो महीने बाद भी लॉकडाउन खत्म नहीं होगा. देश में लॉकडाउन लागू हुए 60 दिन बीत चुके हैं. फिलहाल भारत में लॉकडाउन का चौथा चरण चल रहा है.

लॉकडाउन के पहले और दूसरे चरण काफी सख्ती वाले रहे लेकिन देश की अर्थव्यवस्था को संभाले रखने के लिए पहले सरकार ने तीसरे चरण में आर्थिक गतिविधियों के लिए कुछ छूट दी उसके बाद चौथे चरण में जनता को भी काफी राहत दी गई. लॉकडाउन का असर यह हुआ कि कोरोना को लेकर जो अनुमान लगाया था उससे हम कहीं ज्यादा बेहतर स्थिति में खड़े हैं. हालांकि कोरोना के पॉजिटिव केस एक लाख से अधिक हो चुके हैं लेकिन हमारी रिकवरी तमाम देशों की तुलना में काफी अच्छी है.
 

अब जब देशव्यापी लॉकडाउन के 60 दिन पूरे हो गए हैं. आज से देश में घरेलू हवाई सेवा की शुरुआत भी कर दी गई है. ऐसे में हम आपको एक नजर में बताना चाहते हैं कि पिछले दो महीनों में क्या-क्या हुआ जब हम अपने-अपने घरों में कैद थे ताकि कोरोना के संक्रमण से बचा जा सके.

पीएम मोदी ने लॉकडाउन की घोषणा से पहले 20 मार्च को देश के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मीटिंग की थी. उसी मीटिंग के बाद पीएम मोदी ने 22 मार्च को 'जनता कर्फ्यू' की अपील की थी. उसके बाद पीएम मोदी ने 24 मार्च की रात ऐलान कर दिया कि देश में 25 मार्च से पूर्ण लॉकडाउन रहेगा.
लॉकडाउन को लेकर प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों के साथ कुल पांच बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठकें की हैं. पहली बैठक 20 मार्च को, दूसरी 2 अप्रैल को, तीसरी 11 अप्रैल को, चौथी 27 अप्रैल को और पांचवीं बैठक 11 मई को हुई थी.

पीएम मोदी ने तीन बार किया राष्ट्र को संबोधित

कोरोना की वजह से लगाए गए लॉकडाउन के दौरान पीएम मोदी तीन बार राष्ट्र को संबोधित कर चुके हैं. उन्होंने पहली बार 24 मार्च को, फिर 14 अप्रैल को और तीसरी बार 12 मई को राष्ट्र को संबोधित किया था. 24 मार्च को उन्होंने पहली बार 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा की थी. उसके बाद 14 अप्रैल को पीएम मोदी ने लॉकडाउन को बढ़ाकर 3 मई तक करने का ऐलान किया था. 12 मई को पीएम मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते समय कोरोना संकट से निपटने के लिए 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की घोषणा की थी.

ऐसे बढ़ते गए कोरोना संक्रमित

– 25 मार्च को लॉकडाउन वन के पहले दिन देश में कोरोना के कुल मरीज 635 थे

– 15 अप्रैल को जब लॉकडाउन टू शुरू हुआ तो ये संख्या बढ़कर 11439 हो गई थी

– 4 मई को जब लॉकडाउन थ्री शुरू हुआ तो मरीजों की संख्या बढ़कर 42533 हो गई थी

– 18 मई को लॉकडाउन फोर के आने तक ये संख्या 96 हजार 169 हो गई थी
 
कोरोना के ये बढ़ते आंकड़े डराते भी हैं. दरअसल इस बीच कुछ ऐसी घटनाएं घटीं जिनसे हालात थोड़े बिगड़ गए. उनमें से ही एक था दिल्ली के निजामुद्दीन में स्थित तबलीगी जमात के मरकज का मामला. जहां से कोरोना के मरीजों का प्रसार देश के कई इलाकों में होता चला गया. कोरोना के संक्रमण ने तो धीरे-धीरे समूचे देश को अपने कब्जे में ले लिया लेकिन इनमें भी महाराष्ट्र और गुजरात की हालत काफी खराब होती चली गई.

ये दो कार्यक्रम रहे कोरोना के सुपर स्प्रेडर

एक रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया के 28 देशों में करीब 60 ऐसे कार्यक्रम हुए जिन्होंने कोरोना को बहुत तेजी से फैलाया. उनमें से दो कार्यक्रम हिंदुस्तान में ही हुए.

– 10 से 15 मार्च के बीच तबलीगी जमात के इकट्ठा होने के कारण 4 हजार से ज्यादा मामले बढ़े

– मई के पहले हफ्ते में नांदेड़ से पंजाब आने वाले सिख श्रद्धालुओं के कारण करीब एक हजार मामले बढ़े

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