मायावती ने  कहा- मजदूरों की दुर्दशा के लिए कांग्रेस कसूरवार, राहुल के वीडियो को  बताया नाटक

 लखनऊ 
बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला है। शनिवार को मायावती ने कहा कि प्रवासी श्रमिकों की दुर्दशा के लिए असली कसूरवार कांग्रेस पार्टी ही है। इसके साथ ही उन्होंने राहुल गांधी के वीडियो को नाटक करार दिया। राहुल गांधी ने हाल ही में प्रवासी मजदूरों से सुखदेव विहार में बातचीत की थी, जिसका वीडियो उन्होंने शनिवार को शेयर किया था।

उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री ने शनिवार को चार ट्वीट किए। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस वैश्विक महामारी को फैलने से रोकने के लिए लगाए लॉकडाउन के कारण बेरोजगार और बेआसरा हो गए। करोड़ों प्रवासी श्रमिक परिवारों की जो दुखद एवं शर्मनाक दुर्दशा हर जगह देखने को मिल रही है, उसकी असली कसूरवार कांग्रेस पार्टी ही मानी जाएगी। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद केन्द्र और राज्यों में कांग्रेस के लम्बे शासनकाल के दौरान अगर गांव एवं शहरों में लोगों की रोजी-रोटी की सही व्यवस्था की गई होती तो इन्हें दूसरे राज्यों में क्यों पलायन करने को मजबूर होना पड़ता? 
 
1. आज पूरे देश में कोरोना लाॅकडाउन के कारण करोड़ों प्रवासी श्रमिकों की जो दुर्दशा दिख रही है उसकी असली कसूरवार कांग्रेस है क्योंकि आजादी के बाद इनके लम्बे शासनकाल के दौरान अगर रोजी-रोटी की सही व्यवस्था गाँव/शहरों में की होती तो इन्हें दूसरे राज्यों में क्यों पलायन करना पड़ता?  
 
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि वर्तमान समय में भी कांग्रेसी नेताओं द्वारा कुछ श्रमिकों का दुख-दर्द बांटने संबंधी जो वीडियो दिखाये जा रहे हैं, वह इनकी हमदर्दी कम और नाटक ज्यादा लगता है। अगर कांग्रेस पार्टी इस समय यह बताती कि उसने उन पीड़ितों से मिलते समय कितने लोगों की असल में मदद की तो यह बेहतर होता।

मायावती ने कहा कि ऐसे विकट समय में उनका भाजपा की केंद्र तथा राज्य सरकारों से भी यह कहना है कि वे कांग्रेस पार्टी के पदचिन्हों पर न चलकर घर वापसी कर रहे मजदूरों को उनके गांवों तथा शहरों में ही रोजी-रोटी की सही व्यवस्था करके उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की नीति पर अगर ईमानदारी से अमल करती है तो फिर आगे ऐसी दुर्दशा इन्हें शायद कभी नहीं झेलनी पड़ेगी।
 
2. वैसे ही वर्तमान में कांग्रेसी नेता द्वारा लाॅकडाउन त्रासदी के शिकार कुछ श्रमिकों के दुःख-दर्द बांटने सम्बंधी जो वीडियो दिखाया जा रहा है वह हमदर्दी वाला कम व नाटक ज्यादा लगता है। कांग्रेस अगर यह बताती कि उसने उनसे मिलते समय कितने लोगों की वास्तविक मदद की है तो यह बेहतर होता। 
 
उन्होंने बसपा के कार्यकर्ताओं से भी पुनः अपील की कि जिन प्रवासी मजदूरों को उनके घर लौटने पर उन्हें गाँवों से दूर अलग-थलग रखा गया है तथा उन्हें उचित सरकारी मदद नहीं मिल पा रही है तो ऐसे लोगों की मानवीय मदद करने का प्रयास करें क्योंकि पीड़ित ही पीड़ित का दर्द समझ कर एक-दूसरे की सही मदद कर सकता है।

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