दूसरे मदों से दिया 124 करोड़ का बजट, पंचायत सचिवों के वेतन के लिए फंड की कमी

भोपाल
प्रदेश में ग्राम पंचायत सचिवों के वेतन-भत्तों के लिए राशि कम पड़ गई है।  इसके चलते पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने अन्य मदों में आवंटित राशि से 124 करोड़ 71 लाख 23 हजार रुपए का आबंटन वेतन-भत्तों के लिए कम पड़ रही राशि की प्रतिपूर्ति के लिए जनपद पंचायतों को किया है।

सूत्रों के मुताबिक पंचायत राज संचालनालय में कार्यरत ग्राम पंचायत सचिवों के वेतन भत्तों के लिए राशि का टोटा पड़ गया है।अब पंचायत राज संचालनालय के संयुक्त सचिव  ने सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को पत्र लिखकर अन्य योजनाओं में उपलब्ध बजट का उपयोग करने को कहा है। अलौह खनन तथा धातुकर्म उद्योग, खानों के विनिमय तथा विकास के तहत ग्राम पंचायतों को दी जाने वाली सहायता,ग्रामीण क्षेत्रों के गौण खनिज से प्राप्त राजस्व का पंचायतों को अंतरण, सहायक अनुदान में उपलब्ध राशि से 124 करोड़ 71 लाख रुपए का आवंटन जनपद पंचायतों को किया गया है।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास  विभाग द्वारा जनपद पंचायतों को अंतरित की जाने वाली राशियां बजट नियंत्रण अधिकारियों द्वारा जिला पंचायतों को उपलब्ध कराने के बजाय जनपद पंचायतों को सीधे उपलब्ध कराए जाने के संबंध में वित्त विभाग ने अनुमति दी है।  इसके बाद आवंटन सीधे जनपद पंचायतों को सौपा जा रहा है।

जो राशि दूसरे मदों से वेतन-भत्तों पर खर्च की जाना है उसमें कहा गया है कि मितव्ययता के संबंध में समय-समय पर जारी आदेशों का कड़ाई से पालन किया जाए। कोई भी व्यय किसी भी परिस्थिति में बजट आवंटन से अधिक नहीं किया जाए। व्यय के आंकड़ों का मिलान महालेखाकार ग्वालियर के कार्यालय के आंकड़ों से करने की जवाबदारी आहरण एवं संवितरण अधिकारी की होगी। व्यय के आंकड़ों का मिलान भी महालेखाकार द्वारा निर्धारित तिथि में अनिवार्य रूप से किया जाए। व्यय की जानकारी संचालनालय को निर्धारित प्रारूप में हर माह की दस तारीख तक भिजवाने की पाबंदी रहेगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here