स्वच्छता की कारगर रणनीति से बदल रही शहर की तस्वीर

ग्वालियर
कचरा संग्रहण की कारगर रणनीति एवं नवाचारों की बदौलत ग्वालियर शहर न केवल सज-सँवर रहा है बल्कि देशव्यापी स्वच्छता सर्वेक्षण झ्र 2021 के तहत 7 स्टार रैंकिंग प्राप्त करने के लिये भी शहर ने मजबूती से आगे कदम बढ़ाए हैं। शहर के कचरा संग्रहण से जुड़ी ईको ग्रीन कंपनी के चले जाने के बाद शहर में पैदा हुई कचरा संग्रहण की समस्या अब पूरी तरह दूर हो गई है। संभाग आयुक्त एवं नगर निगम प्रशासक श्री आशीष सकसेना द्वारा बनाई गई विशेष रणनीति से यह संभव हुआ है।

संभाग आयुक्त श्री सक्सेना ने नगर निगम के पास उपलब्ध कचरा संग्रहण वाहनों का पूरा दोहन करने की रणनीति बनाई। पहले जहाँ हर मोहल्ले में घर-घर से कचरा प्राप्त करने के लिये  बमुश्किल दिन में एक बार कचरा वाहन पहुँच पाता था, वहाँ अब दो से तीन बार तक वाहन पहुँच रहे हैं। इसके लिये संभाग आयुक्त की पहल पर हर कचरा वाहन पर 2 से 3 वाहन चालकों की ड्यूटी लगाई है। इस प्रकार अब कचरा वाहन दो से तीन पालियों में घर-घर कचरा लेने के लिये जाते हैं। इससे वाहन कम होने की समस्या भी दूर हो गई है। इतना ही नहीं शहर की नई स्वच्छता रणनीति के लागू होने से शहर भर से गारवेज प्वॉइंट (कचरा संग्रहण प्वॉइंट) भी लगभग समाप्त हो गए हैं। इसलिये अब शहर में बहुत कम जगहों पर कचरे के ढेर दिखाई देते हैं। स्मार्ट सिटी के कमाण्ड एण्ड कंट्रोल सेंटर से शहर की साफ-सफाई व्यवस्था की मॉनीटरिंग हो रही है। साथ ही कमाण्ड सेंटर पर स्वच्छता से संबंधित शिकायतें भी अटेण्ड की जाती हैं और उनका निराकरण भी समय-सीमा में कराया जा रहा है। शहर के यातायात में बाधा बन रहे हाथ ठेलों को व्यवस्थित करने का बीड़ा भी संभाग आयुक्त श्री आशीष सक्सेना के नेतृत्व में नगर निगम ने उठाया है। संभाग आयुक्त श्री सक्सेना ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कई बार शहर भ्रमण कर ऐसे स्थानों को चिन्हित किया है जहाँ पर हाथ ठेलों की वजह से आए दिन यातायात बाधित होता है। ऐसे स्थानों को रेड, ग्रीन एवं यलो जोन में बाँटकर चरणबद्ध ढंग से हाथ ठेलों का व्यवस्थापन कराया जायेगा। ऐसे प्रयास होंगे जिससे आवागमन भी बाधित न हो और हाथ ठेला से अपनी रोजी-रोटी कमाने वाले लोगों के कारोबार पर भी विपरीत असर न पड़े। नगर निगम ग्वालियर द्वारा स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 के तहत शहर को देश का स्वच्छतम एवं सुंदर शहर बनाने के लिए अनेक नवाचार किए गए हैं। जिसका प्रतिफल आने वाले स्वच्छता सर्वेक्षण के परिणामों में भी दिखाई देगा। स्वच्छता अभियान के अंतर्गत इस वर्ष 7 स्टार रैंकिग प्राप्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही वाटर प्लस के लिए भी भारत सरकार द्वारा चलायी जा रही स्वच्छता की विभिन्न प्रतियोगिताओं में शहर शामिल हुआ है। इन उपलब्धियों को हासिल करने के लिए संभाग आयुक्त एवं नगर निगम प्रशासक श्री आशीष सक्सेना और नगर निगम आयुक्त श्री शिवम वर्मा ने सभी की राय लेकर पुख्ता रणनीति बनाई है और इस पर पूरी शिद्दत के साथ अमल भी हो रहा है। नगर निगम द्वारा शहरवासियों की सुविधाओं में बढ़ोत्तरी के लिए अनेक नवाचार किए गए हैं। जिनसे शहर तो सुंदर हुआ ही, साथ ही पुरानी बेकार पडी सामाग्री का पुन: उपयोग कर शहर की सुंदरता को निखारा गया। नगर निगम ग्वालियर द्वारा शहर के कलाकारों से आइडिया लेकर पुरानी सामग्री से शहर के विभिन्न चैराहों, तिराहों व सार्वजनिक स्थानों पर आकर्षक कलाकृतियां लगाई गई हैं, शहर में रहने वाले व बाहर से आने वाले नागरिकों के लिए ये कलाकृतियाँ आकर्षण का केन्द्र बन रहीं हैं। ग्वालियर शहर की दीवारें अब सुन्दर व साफ एवं आकर्षक पेंटिंग से सजी नजर आने लगीं है। संगीत सम्राट तानसेन की नगरी ग्वालियर के कुछ क्षेत्रों की दीवारों को कलाकारों ने संगीत की थीम पर सजाया जा रहा है।

 गंदी सी लगने वाली दीवारें अब कलाकारों द्वारा संगीत की थीम पर उकेरे गए संगीमय चित्रों से ये जीवंत हो उठी हैं। कई स्थानों दीवारों पर स्वच्छता का संदेश देते हुए सुंदर सुंदर चित्र भी कलाकारों द्वारा बनाए जा रहे हैं। जिससे शहर के नागरिक एवं बाहर से आने वाले लोगों को भी देखकर अति प्रसन्नता हो रही है।

नगर निगम के विभिन्न वार्डों व क्षेत्रीय कार्यालय स्तर पर अपने अपने क्षेत्र को सुंदर व स्वच्छ बनाने के लिए सभी वार्ड मॉनीटर व क्षेत्राधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी प्रात: 6 बजे से क्षेत्र में घूमकर स्वच्छता की मॉनीटरिंग कर रहे हैं तथा पूरा शहर साफ, स्वच्छ व सुंदर रहे, इसके लिए सभी अपने अपने स्तर पर प्रयास कर रहे हैं। निगम के इस अभियान को शहर के आमनागरिकों का भी पूर्ण सहयोग मिल रहा है तथा सभी रहवासी भी अपने अपने क्षेत्र को साफ, स्वच्छ व सबसे सुंदर बनाने के लिए निगम के अभियान में सहभागिता कर रहे। वहीं शहर में अनेक स्थानों पर पहले जो कचरे ठिए हुआ करते थे अब उन्हें सेल्फी प्वॉइंट के रुप में परिवर्तित किया गया है जो कि लोगों के आकर्षण का केन्द्र बन रहे हैं। इसके साथ ही शहर के अन्य वार्डों व सार्वजनिक शौचालयों व अन्य स्थानों को पुराने टायरों व अन्य अनुपयोगी वस्तुओं का उपयोग कर सुंदर गमले इत्यादि बनाकर लगाए जा रहे हैं तथा दीवारों को भी सुंदर चित्रों से सजाया जा रहा हैं।

शहर की स्वच्छता व्यवस्था को ठीक करने के लिए संभागीय आयुक्त एवं नगर निगम प्रशासक श्री आशीष सक्सैना द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रतिदिन प्रात: 9 बजे से सभी अधिकारियों से स्वच्छता की समीक्षा की गई, इसके साथ ही निगमायुक्त श्री शिवम वर्मा द्वारा प्रतिदिन दिन में 2 बार प्रात: 6 बजे एवं रात्रि 9 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से स्वच्छता की मॉनीटरिंग की गई। वहीं शहर के वार्ड स्तर पर स्वच्छता की समीक्षा के लिए जिला स्तर के विभिन्न विभागों के अधिकारियों को भी वार्ड मॉनीटर बनाया गया और प्रत्येक वार्डं में 50-50 स्वच्छता दूत बनाए गए। वहीं शहर में कचरा कम्प्रेस करने के लिए 7 स्थानों पर कचरा ट्रांसफर स्टेशन बनाए गए, जिससे लेण्डफिल साइट पर कम चक्कर में अधिक से अधिक मात्रा में सेग्रकेट कचरा पंहुच सके। शहर में स्वच्छता बनाए रखने तथा गंदगी फैलाने वालों पर सख्ती के लिए नगर निगम के सभी वार्ड मॉनीटरों व फील्ड में कार्य करने वाले अन्य कर्मचारियों को चालान करने के अधिकार दिए गए हैं। जिसमें इस वर्ष लगभग 500 चालान कर 20 लाख रुपए का जुमार्ना वसूल किया गया है।   

शहर से निकलने वाले सीवर के पानी को साफ करने के लिए सीवर ट्रीटमेंट प्लांट जलालपुर, लालटिपारा, बैजाताल पर बनाया गया है। जिनसे निकलने वाले पानी का 30 प्रतिशत री-यूज किया जाकर उसका उपयोग डिवाइडरों व पार्कों में लगे पेडों की सिंचाई, रोड धुलाई, सामुदायिक व सार्वजनिक शौचालयों की धुलाई, कृषि विभाग से एमयोयू के तहत सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराते हैं। साथ ही सीवर के पानी को ट्रीट कर जहां बैजताल में नौकायन किया जा रहा हैं। जिससे एक ओर शहर के पेडपौधों का पर्याप्त पानी मिल रहा है तथा सीवर के पानी का पुर्नउपयोग हो रहा है। साथ ही शहर के सार्वजनिक शौचालयों व यूरिनल का जीणोर्धार कराया गया है और नदी, नाला, तालाब व सीवर लाइन की साफ सफाई कराई गई। इसके साथ ही नालियों में कचरा न जाये इसके लिए उन पा जाली लगाने का कार्य किया।

 

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