दिल्ली दंगों में ताहिर हुसैन ने पेट्रोल, तेजाब, पिस्तौल, गोली और तलवार के लिए खर्च किए थे सवा करोड़ रुपये

 नई दिल्ली  
दिल्ली दंगे के आरोपी पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन के खिलाफ प्रवर्तन निदे़शालय (ईडी) ने शनिवार को अदालत में धनशोधन मामले में आरोपपत्र दाखिल किया। ईडी ने इस आरोपपत्र में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़के दंगों में ताहिर द्वारा धनराशि लगाने का आरोप लगाया है। ईडी ने कहा है कि करीब सवा करोड़ रुपये से दंगों के लिए हथियारों की खरीदारी की गई।

कड़कड़डूमा स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत की अदालत ने पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन के साथ ही सह-आरोपी अमित गुप्ता के खिलाफ दाखिल आरोपपत्र पर संज्ञान ले लिया है। ईडी ने आरोपपत्र में कहा है कि जांच के दौरान पता चला कि ताहिर हुसैन और उससे जुड़े लोगों ने एक करोड़ दस लाख रुपये का धनशोधन किया है। दंगों के लिए एकत्रित किए गए इस धन को शेल व डमी कंपनी के माध्यम से नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में चल रहे धरना-प्रदर्शनों में लगाया गया। 

आरोपपत्र के अनुसार, दंगों की तैयारी जनवरी में ही कर ली गई थी और इस रकम को दंगों के लिए घातक हथियार जैसे पेट्रोल, तेजाब, पिस्तौल, गोली, तलवार व चाकू आदि खरीदने में लगाया गया। प्रवर्तन निदेशालय ने आरोपपत्र मे दावा किया है कि इस मामले में ताहिर हुसैन का साथ अमित गुप्ता नामक व्यक्ति ने दिया। जिसके नाम पर शैल कंपनी खोली गई और धन को इसमें स्थानान्तरित किया गया। आरोपपत्र में यह भी कहा गया कि ताहिर हुसैन की इस साजिश के कारण ही फरवरी में भड़के दंगों में 53 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी, जबकि दो सौ से ज्यादा लोग गंभीर रूप से जख्मी हुए।

19 को होगी आरोपियों की पेशी 
अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दाखिल आरोपपत्र पर संज्ञान ले लिया है। साथ ही अदालत ने दोनों आरोपियों को 19 अक्तूबर को अदालत के समक्ष पेश होने के निर्देश दिए हैं। इसी प्रक्रिया के तहत जहां अमित गुप्ता के खिलाफ समन जारी किया गया है। वहीं ताहिर हुसैन को पेश करने के लिए प्रोडक्शन वारंट जारी किया गया है। जेल प्रशासन को कहा गया है कि हुसैन को सोमवार को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश किया जाए।

लगे हैं ये आरोप
-धारा 3 (धनशोधन)
-धारा 70 (कंपनियों द्वारा अपराध)
-धनशोधन अधिनियम (रोकथाम) अधिनियम 2002 की धारा 4 के तहत दंड़ निर्धारित करनासा

अभी जारी है जांच 
ईडी ने अदालत को जानकारी दी कि अभी जांच समाप्त नहीं हुई है ऐसे में पूरक आरोपपत्र भी दाखिल किया जा सकता है। ईडी के विशेष अधिवक्ता एन के माट्टा ने अदालत को बताया कि हुसैन पर धोखाधड़ी, दस्तावेजों से जालसाजी और आपराधिक साजिश का भी आरोप है। उसके घर व कार्यालय पर कई जगह छापेमारी के दौरान आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई है। इनमें दस्तावेजों के अलावा डिजीटल साक्ष्य भी हैं।

ताहिर के वकील बोले, मुवक्किल परिस्थितियों का शिकार 
पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन के अधिवक्ता केके मनन और रिजवान ने अदालत में कहा कि उनका मुवक्किल परिस्थितियों का शिकार बना है। उसे झूठे मामले में फंसाया गया है। हुसैन को दंगों से संबंधित बहुत सारे मामलों में गिरफ्तार किया गया है जबकि एक व्यक्ति इतनी सारी जगह एक ही समय पर कैसे उपस्थित रह सकता है। बचाव पक्ष के वकीलों का कहना था कि उनके मुवक्किल को राजनीतिक द्धेष के कारण फंसाया गया है।

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