MP:लोकतंत्र को झूठ व कपट से नहीं ,प्यार से जीता जाता है- विष्णुदत्त शर्मा

भोपाल(Janprachar.com)।  मप्र भाजपा प्रदेशाध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने प्रदेश कांग्रेस के उपचुनाव वाले पूरक वचन-पत्र को लेकर कांग्रेस पर तंज कसा। उन्होंने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ को ‘कमल सेठ’ की उपमा देते हुए कहा,कि लोकतंत्र को दंभ,अहंकार व झूठ से नहीं प्यार से जीता जाता है। श्री शर्मा ने कांग्रेस के पूरक वचन-पत्र को छलावा व शिवराज सरकार को कोसने वाला कोसना पत्र बताया। इधर,मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी कहा,कि कमलनाथ भी जानते हैं,कि कुछ करना धरना तो है नहीं,ऐसे में बडी बडी बाते करने में क्या जाता है। केंद्रीय मंत्री थावरचंद गेहलोत ने भी वचन पत्र का छलावा करार दिया।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष श्री शर्मा ने आज सुबह पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा,कि कांग्रेस ने पिछले चुनाव में किसानों की कर्जमाफी व बेरोजगारी भत्ते का वचन दिया था। क्या हुआ? न कर्ज माफ हुआ न युवाओं को भत्ता मिला। डिफाल्टर हुए या पहले ही कर्ज अदा कर चुके किसानों को झूठे प्रमाणपत्र बांटकर कहते घूम रहे हैं,कि हमने 26 लाख का कर्ज माफ कर दिया। श्री शर्मा ने कहा,कि गरीब कन्याओं के विवाह पर पहले राशि बढ़ाने की घोषणा की और बाद में इसका भुगतान भी नहीं किया। ऐसा कर उन्होंने गरीबी का मजाक उड़ने का अपराध किया। गरीबों की अन्य योजनाएं भी बंद कर दी। अब सभाओं में मासूमियत के साथ अपनी गल्तियां पूछ रहे हैं।
श्री शर्मा ने कहा,कि भ्रष्टाचार,वादाखिलाफी,रेत माफिया को गले लगाने व कोरोना से निपटने की जगह फिल्मी कलाकारों को बुलाकर आईफा अवार्ड जैसे आयोजन में मशगूल रहना। पेट्रोल ,डीजल पर टैक्स कम करने का वादा और फिर इसे भी भुला देना । एक गल्ती हो तो बताई जाए,लेकिन जनता इनके झूठ,फरेब को समझ चुकी है। वह अब ऐसे झूठे वचन पत्र के बहकावे में आने वाली नहीं।
श्री शर्मा ने कहा,कि कमलनाथ अब कोरोना महामारी से मरने वाले गरीब परिवारों की महिला को सामाजिक सुरक्षा पेंशन देने की बात कर रहे है,लेकिन जब कोरोना संकट की शुरुआत थी तब यह कहकर इसका मजाक उडाया,कि पहले राजनैतिक कोरोना वायरस से तो निपट लें। कोरोना महामारी को लेकर यह उनकी यह सोच रही,अब पीड़ितों के प्रति सहानुभूति दिखा रहे हैं।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा,कि आज पूरक वचन -पत्र जारी करते समय कमलनाथ ने 4 मिनिट में 5 बार शिवराज सरकार को कोसा। ऐसे ‘कोसना पत्र’ की हकीकत को मतदाता भी अच्छी तरह समझते हैं। उनकी पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री तो पहले ही उनसे किनारा कर गए। यहां तक,कि कमलनाथ की वादा खिलाफी को समझते हुए राहुल गांधी ने भी मप्र कांग्रेस से हाथ खींच लिया है। अब अब मतदाता भी साथ देने वाला नहीं।
दरबारी होने का रिवार्ड मिला था कमलनाथ को
श्री शर्मा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी जल्दी ही हर विधानसभा के लिए अलग.अलग संकल्प पत्र जारी करने जा रही है, लेकिन मैं कमलनाथ से पूछना चाहता हूं कि हर विधानसभा के लिए उनका वचन पत्र कहां है. श्री शर्मा ने कहा, कि कमलनाथ ऐसा कर भी नहीं सकते, क्योंकि वे कभी जमीन पर उतरे ही नहीं।
उन्हें यह भ्रम हो गया था कि मैं मध्यप्रदेश का जननेता हूं. मुझे जनता ने चुना है. हकीकत यह,कि उन्हें एक परिवार का दरबारी होने का रिवार्ड मिला था। श्री शर्मा ने कहा, कि 15 महीनों के कार्यकाल में प्रदेश की जनता ने कमलनाथ का नेतृत्व, उनकी क्षमता और उनका काम बहुत अच्छे से देखा है और अब वह झांसे में आने वाली नहीं है।
दिग्विजय सिंह की कोई विश्वसनीयता ही नहीं बची
श्री शर्मा ने कहा कि दिग्विजय सिंह बिना सिर पैर के जो आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह 10 साल प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे, लेकिन उनके कारनामों का जवाब जनता ने उन्हें दे दिया है। जनता में उनकी विश्वसनीयता नहीं है, यह बात स्वयं दिग्विजय सिंह भी जानते हैं।
वे कहते हैं कि मेरे चुनाव प्रचार में जाने से वोट कटता है। श्री शर्मा ने कहा कि जिस नेता के प्रति जनता में इतनी चिढ़ हो. उस पर कौन विश्वास करेगा। उन्होंने कहा कि दिग्विजय और कांग्रेस के पास अगर भारतीय जनता पार्टी या उसके उम्मीदवारों के बारे में कोई भी साक्ष्य हैं, तो उन्हें चुनाव आयोग के पास जाना चाहिए।
वादे हैं,वादों का क्याः शिवराज
कांग्रेस के वचन पत्र को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने भी तंज कसा। उन्होंने कहा,कि कांग्रेस ने पुराने वचन -पत्र के न तो वचन निभाए और न ही वादे पूरे किए। लिखा और भूल गए। लिखा और कहा भी था ,कि 10 दिन में पूरा कर देंगे। वो पूरे हुए नहीं। नए करने कहा गया।
मुख्यमंत्री ने कहा,कि वादे हैं, वादों का क्या? और दूसरा वो जानते हैं कि करना तो कुछ है नहीं। केवल लिखना है। जनता इनके वादे और वचन ,इनकी असलियत सब जानती हैं। भाजपा नेता और गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भी तंज कसा है। उन्होंने कहा कि यह कमलनाथ का वचन नहीं, कपट पत्र है।
जनता की आंखों में धूल झोंकने वाला पूरक वचन-पत्र : गेहलोत
इधर,केंद्रीय मंत्री थावरचंद गेहलोत ने भी कांग्रेस के पूरक वचन-पत्र को जनता की आंखों में धूल झोंकने वाला बताया। शनिवार को इंदौर में आयोजित पार्टी की अनुसूचित जाति मोर्चा की बैठक में उन्होंने कहा,कि कमलनाथ ने एक बार फिर पूरक वचन पत्र के जरिए जनता को भ्रमित करने का काम किया है,लेकिन लोग अब उनके झूठे वायदों पर यकीन करने वाले नहीं।
कांग्रेस के खून में ही है,कि फूट डालो और शासन करो। ये जातिवाद व तुष्टिकरण की राजनीति करते हैं। इन्होंने ही देश-प्रदेश में जातिवाद को हवा दी।

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