मप्र : नाबालिग से गैंगरेप करने वाले 5 दोषी अंतिम सांस तक जेल में रहेंगे; देह व्यापार कराने वाली महिला समेत 3 को 20 साल की सजा

भोपाल(Janprachar.com) //राजधानी की विशेष अदालत ने नाबालिग बच्ची से गैंगरेप के मामले में 8 लोगों को दोषी मानते हुए पांच को अंतिम सांस तक जेल में रखने (आजीवन कारावास) और एक महिला प्रियंका चौहान समेत तीन को 20-20 साल जेल की सजा सुनाई है। सोमवार को विशेष न्यायाधीश कुमुदनी पटेल ने ये फैसला सुनाया।

बच्ची से देह व्यापार कराने वाली प्रियंका सिंह चौहान को 20 साल जेल की सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने सबूतों कमी के चलते होटल मालिक समेत 3 को बरी कर दिया है। अदालत ने एक आरोपी सनी तिवारी को बरी करते हुए लिखा कि पुलिस ने सनी तिवारी की जांच में गंभीर लापरवाही बरती गई है।

2018 में दर्ज हुआ था केस

मामला राजधानी के टीला जमालपुरा थाने का है। 19 दिसंबर 2018 को फरियादी बच्ची की मां ने उसकी 15 साल की बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट शाहजहांनाबाद थाने में दर्ज कराई थी।

इसके एक महीने बाद टीला जमालपुरा थाने में पदस्थ एसआई नमिता साहू ने बच्ची के बयान दर्ज किये थे। बच्ची ने बताया था कि सूफियान उर्फ भैया को एक साल से जानती थी। सूफियान ने शादी का झांसा देकर उसके साथ ज्यादती की।

इसके बाद बच्ची घर से भागकर सूफियान के पास आई गई थी। सूफियान उसे अपने दोस्त गांगुली के घर ले गया, वहां पर गांगुली, अल्ताफ, फैसल के साथ ही छह लड़कों ने उसके साथ बारी-बारी से गैंगरेप किया।

देह व्यापार में धकेला

वहां पर एक अनुराधा नाम की महिला थी, जो सुबह पांच बजे बच्ची को प्रियंका चौहान के घर ले गई। प्रियंका ने बच्ची का हेयर स्टाइल चेंज कर उसे देह व्यापार करने के लिये तैयार किया और उसके फोटो खींचे। इसके बाद भोपाल के होटलों में एक अंकल, एक कार वाले अंकल और प्रियंका के कहने पर कई लोगों ने उसका शारीरिक शोषण किया।

बच्ची के शोषण जबलपुर, इंदौर, मंडीदीप और भोपाल में होता रहा. प्रियंका की सहेली बच्ची को जबलपुर के एक होटल में ले गई, जहां होटल मालिक सनी तिवारी ने पीड़ित के साथ ज्यादती की। रिया के बर्थ डे में बहुत से लड़के आए थे, इनमें राहुल, दैविक एवं अन्य लड़के ने भी ज्यादती की थी।

प्रियंका पीड़ित को लेकर इंदौर गई। जहां प्रियंका के पति मोनू से मिलावाया और आरोपी प्रकाश उर्फ भूरा, मोनू तथा उसका दोस्त अभिषेक ने शराब पीकर पीड़ित के साथ ज्यादती की थी। इसके बाद मंडीदीप के एक होटल में अंकित माहेश्वरी ने और एक अंधे अंकल जो एमपीनगर ब्रिज के पास रहते थे, उन्होंने भी बच्ची के साथ ज्यादती की थी।

मेरा छोटा बच्चा है जज साहब

अदालत सजा सुनाए जाने के बाद कटघरे में खड़ा मुख्य आरोपी भैया उर्फ मुबारिक उर्फ सूफियान रोने लगा और हाथ जोड़कर बोला जज साहब मेरा छोटा बच्चा है। घर में पत्नी के अलावा कोई नहीं है। इस पर जज ने कहा कि यह सब करने के पहले सोचना था। अदालत से 20 साल की सजा सुनाए जाने के बाद आरोपी प्रियंका सिंह चौहान भी फूट-फूट कर रो पड़ी।

अदालत ने सबूतों के अभाव में तीन को छोड़ा

अदालत ने गैंगरेप मामले में सबूतों की कमी के चलते तीन आरोपियों को बरी करने के आदेश दिए हैं l जिन आरोपियों को बरी किया गया है उनमें केशव तिवारी पुत्र जीसी तिवारी, सुखदेव घोष दस्तीदार उर्फ अंधे अंकल पुत्र बीबी घोष दस्तीदार, सनी तिवारी पुत्र सुरेश तिवारी शामिल है l इन तीनों ही आरोपियों को नाबालिग बच्ची ने अदालत में पहचानने से इंकार कर दिया था l

एसआई नमिता साहू ने बताया कि थाना टीला जमालपुरा ने 17 आरोपियों के खिलाफ धारा 376 (घ), (क), 376 (2) (एन), 376(ग) (3), 366, 363, 370(क) तथा धारा 3/4,5/6 तथा 16/17 पाक्सो एक्ट का मामला दर्ज करते हुए 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर चालान कोर्ट में पेश किया था। इस मामले में फरार आरोपियों की टीला जमालपुरा पुलिस को आज भी तलाश है।

अदालत ने इन दोषियों को सुनाई सजा

विशेष न्यायाधीश कुमुदिनी पटेल ने गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर आरोपी सूफियान उर्फ भैया उर्फ कबूतर, शाहरुख, फैजल उर्फ फैसल, अल्ताफ, अरूण यादव उर्फ गांगूली को अंतिम सांस तक जेल में रखने की सजा सुनाई। बच्ची से वेश्यावृत्ति कराने वाली महिला प्रियंका चौहान, अंकित माहेश्वरी, प्रकाश कजौरिया को 20 साल की जेल और जुर्माने की सजा दी गई।

शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक टीपी गौतम, मनीषा पटेल एवं रचना श्रीवास्तव ने कोरोना महामारी के बीच न्यायालय में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पैरवी करते हुए गवाहों के कथन दर्ज कराए।

मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले का निराकरण 15 दिसंबर तक पूरा करने के निर्देश दिये थे। इसके चलते न्यायाधीश कुमुदनी पटेल ने एक महीने के अंदर ही गवाहों के बयान दर्ज कर अंतिम बहस सुन फैसला सुनाया।

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