आर्मेनिया और अजरबैजान की लड़ाई में 24 लोगों की मौत

येरेवान
आर्मेनिया और अजरबैजान के बीच विवादित अलगाववादी क्षेत्र नागोरनो-काराबाख को लेकर शुरू हुई लड़ाई तेज हो गई है। दोनों ही देशों के बीच छिड़ी इस जंग में अब तक 24 लोगों की मौत हो गई है और सैकड़ों लोग घायल हो गए हैं। इस बीच तुर्की के राष्‍ट्रपति रेसेप तैय्यप एर्दोगान ने आर्मेनिया को धमकी दी है और अजरबैजान के खुलकर समर्थन का ऐलान किया है।

एर्दोगान ने विश्‍व समुदाय का आह्वान किया कि वह इस क्रूरता के खिलाफ लड़ाई में उनके साथ आएं। उधर, आर्मेनिया के परंपरागत सहयोगी रूस ने तत्‍काल सीजफायर का ऐलान करने और हालात को स्थिर करने के लिए बातचीत का आह्वान किया है। इस बीच आर्मेनिया के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि अब तक 17 सैनिक और दो आम नागरिक मारे गए हैं और 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं।

'अजरबैजान के चार हेलिकॉप्टरों को मार गिराया'
अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलियेव ने इस बीच कहा कि उनकी तरफ भी सैन्य नुकसान हुआ है हालांकि उन्होंने इस बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी। आर्मेनिया ने यह दावा भी किया कि अजरबैजान के चार हेलिकॉप्टरों को मार गिराया गया और 33 टैंकों तथा लड़ाकू वाहनों को भी निशाना बनाया गया। अजरबैजान ने पूर्व में किये गए उस दावे को खारिज किया था कि उसके दो हेलीकॉप्टरों को मार गिराया गया है।

जिस इलाके में लड़ाई शुरू हुई है, वह अजरबैजान के तहत आता है लेकिन यहां पर 1994 से ही आर्मेनिया द्वारा समर्थित बलों का कब्जा है। लड़ाई शुरू होने की वजह का पता नहीं चल सका है लेकिन इससे पहले जुलाई में झड़पें हुई थीं जिनमें दोनों तरफ के मिलाकर कुल 16 लोगों की मौत हुई थी। अजरबैजान के कुछ क्षेत्रों में मार्शल लॉ लगाया गया है तथा कुछ प्रमुख शहरों में कर्फ्यू के आदेश भी दिये गए हैं।

अजरबैजान में तुर्की मूल के बहुत से लोग रहते हैं
अजरबैजान ने दावा किया है कि उसने काराबाख में रणनीतिक रूप से महत्‍वपूर्ण एक पहाड़ पर कब्‍जा कर लिया है। बता दें कि आर्मेनिया ईसाई बहुल है और अजरबैजान मुख्‍यत: मुस्लिम आबादी वाला देश है। अजरबैजान में तुर्की मूल के बहुत से लोग रहते हैं। विश्‍लेषकों को डर सता रहा है कि यह जंग नियंत्रण से बाहर निकल सकती है।

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