वो पांच अनोखे गांव, जो अजीबोगरीब कारणों से हैं दुनियाभर में मशहूर

दुनिया में ऐसे बहुत से गांव हैं, जो किसी न किसी वजह से मशहूर हैं। कोई साफ-सफाई के लिए जाना जाता है, तो कोई अपनी खूबसूरती के लिए। लेकिन आज हम कुछ ऐसे गांवों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो अपने अजीबोगरीब वजहों से दुनियाभर में मशहूर हैं। इन अनोखे गांवों के बारे में जानने के बाद, आप हैरान हुए बिना नहीं रहेंगे।

इटली अपनी खूबसूरती के लिए दुनियाभर में जाना जाता है। यही का एक गांव है विगानेला, जो मिलान शहर की एक गहरी घाटी के नीचे स्थित है। यह गांव पूरी तरह से घाटियों से घिरा हुआ है और इतनी गहराई में बसा हुआ है कि यहां सर्दियों में लगभग तीन महीने तक सूरज की रोशनी बिल्कुल भी नहीं पहुंचती। इसलिए गांव के ही कुछ इंजीनियरों और वास्तुकारों ने मिलकर एक बड़ा सा आईना बनाया है, जिससे रिफ्लेक्ट (प्रतिबिंबित) होकर धूप की किरणें गांव में पहुंच जाती हैं और पूरे गांव को सूरज की रोशनी मिल जाती है। इस वजह से लोग कहते हैं कि इस गांव का अपना अलग ही सूरज है।

एक किडनी वाले गांव
नेपाल का होकसे गांव 'एक किडनी वाले गांव' के नाम से मशहूर है। यहां का लगभग हर व्यक्ति एक किडनी के सहारे ही जिंदा है। लोगों ने अपनी एक किडनी निकलवा कर बेच दी है। कहते हैं कि उन्हें मानव अंगों की तस्करी करने वालों ने पैसों का लालच दिया था और कहा था कि किडनी फिर से उग आएगी। यही वजह है कि इस गांव का नाम ही 'किडनी वैली' पड़ गया है।

नीदरलैंड का गिएथूर्न गांव अपनी खूबसूरती के साथ ही साथ एक अजीब वजह से भी जाना जाता है। दरअसल, इस गांव में एक भी सड़क नहीं है। इस वजह से यहां न तो किसी के पास कोई गाड़ी दिखती है और न ही मोटरसाइकिल। इसके पीछे की वजह ये है कि यह गांव पानी के ऊपर बसा हुआ है। यहां लोग कहीं भी आने-जाने के लिए नावों का सहारा लेते हैं। इस अनोखे गांव में घूमने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं।

कुंग-फू विलेज
चीन के तिआंझु में एक गांव है, जिसे 'कुंग-फू विलेज' के नाम से जाना जाता है। यहां के लोग अपने हुनर की वजह से दुनियाभर में मशहूर हैं। इस गांव में शायद ही ऐसा कोई होगा, जिसे कुंग-फू न आता हो। दुनियाभर से लोग इस गांव में आते हैं। कई लोग इस गांव में आकर कुंग-फू सीखते भी हैं।

नीले रंग वाला गांव
स्पेन में जुजकार नाम का एक गांव है, जो पूरा का पूरा नीला है, यानी यहां हर किसी का घर नीले रंग का है। कहते हैं कि साल 2011 में यहां एक थ्री-डी फिल्म के लिए कुछ लोगों ने अपने घरों को नीले रंग से रंगवा दिया। इसके बाद तो धीरे-धीरे गांव के सभी लोगों ने अपने घरों को नीला बना दिया।

 

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