शशिधर जगदीशन को एचडीएफसी बैंक के नए चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर

नई दिल्ली

HDFC बैंक के एमडी ​आदित्य पुरी के उत्तराधिकारी को लेकर अनिश्चितता खत्म हो गई है. शशिधर जगदीशन को एचडीएफसी बैंक का नया चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) और मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) नियुक्त किया गया है. भारतीय रिजर्व बैंक ने भी इस पर मुहर लगा दी है.

30 साल का अनुभव

शशिधर जगदीशन इस साल अक्टूबर में आदित्य पुरी के रिटायर होने के बाद बैंक का कार्यभार संभालेंगे. उनका कार्यकाल 3 साल के लिए होगा. करीब 30 साल का अनुभव रखने वाले (इसमें से 26 साल उन्होंने एचडीएफसी बैंक में ही बिताये हैं) जगदीशन की बैंक को आगे बढ़ाने में काफी महत्वपूर्ण भूमिका है.

लगातार तरक्की

वह फिलहाल बैंक में फाइनेंस, ह्यूमन रिसोर्सेज, ए​डमिन जैसे कई विभागों के प्रमुख हैं. उन्होंने साल 1996 में बैंक के फाइनेंस डिपार्टमेंट में मैनेजर के रूप में ज्वाइन किया और उसके बाद वह लगातार सफलता की सीढ़ियां चढ़ते गए. उन्हें साल 2008 में कंपनी का चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर बनाया गया.

एचडीएफसी बैंक में आने से पहले जगदीशन ने डोयचे बैंक में एक सीनियर ऑफिसर के रूप में काम किया था. उन्होंने मुंबई यूनिवर्सिटी से फिजिक्स में बीएससी किया है. इसके साथ ही उनके पास सीए की डिग्री भी है. इसके अलावा उन्होंने ब्रिटेन के शीफील्ड यूनिवर्सिटी से मनी, बैंकिंग और फाइनेंस की इकोनॉमिक्स में पोस्ट ग्रेजुएट किया है.

क्या हैं चुनौतियां

जगदीशन ऐसे समय में बैंक की कमान संभालने जा रहे हैं, जब अर्थव्यवस्था मंदी की ओर है. उनके सामने पांच प्रमुख चुनौतियां इस प्रकार हैं:

1. नया बैंकिंग परिदृश्य

अब बैंकिंग परिदृश्य काफी तेजी से बदल रहा है. अब सिर्फ 5 बड़े सार्वजनिक बैंक बचे हैं जिनका दर्जनों बैंकों को विलय कर निर्माण किया गया है. ये बड़े बैंक निजी बैंकों के लिए काफी चुनौती पेश कर सकते हैं. इसके अलावा दो दिग्गज निजी बैंक ICICI और एक्सिस बैंक अब नए नेतृत्व के साथ तरक्की के रास्ते पर हैं.

2. वरिष्ठ साथियों को बनाए रखने की चुनौती

उत्तराधिकारी बदलने के बाद अक्सर कई अन्य दिग्गज भी कंपनी छोड़ देते हैं. बैंक के एक इनसाइडर होने के नाते उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती सीनियर मैनेजमेंट टीम को बनाए रखने की होगी.

3. डिजिटल बैंकिंग में सही कदम

अब डिजिटल बैंकिग की वजह से बैंकिंग के पुराने तौर-तरीकों जैसे शाखा, लोगों के द्वारा सेवाओं और कस्टमर लायबिलिटी जैसे मॉडलों को चुनौती मिल रही है. डिजिटल से जुड़े बैंक के कई दिग्गजों ने इसे छोड़ दिया है. ऐसी समस्याओं से जूझने के अलावा जगदीशन को साइबर सिक्योरिटी और डेटा प्राइवेसी जैसी समस्याओं पर भी ध्यान देना होगा.

4. ग्रामीण और अर्द्ध शहरी बाजार में पहुंच

बैंक ने अब ग्रामीण और अर्द्ध शहरी बाजारों में अच्छी पहुंच बनाई है. अब इसकी करीब 52 फीसदी शाखाएं ऐसे इलाकों में ही हैं. लोन और जमा के हिसाब से देखें तो इन बाजारों में अच्छी संभावनाएं हैं. लेकिन यहां जगदीशन को बंधन बैंक और आईडीएफसी बैंक जैसे छोटे बैंकों से चुनौती मिलेगी जो कि कम रकम वाले लोन पर फोकस करते हैं.

5. कॉरपोरेट बैंकिंग को बढ़ाना

अब एचडीएफसी बैंक का बहीखाता 15 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का हो गया है. इसका कॉरपोरेट बैंकिंग में बहुत ज्यादा एक्सपोजर नहीं है खासकर कर्ज के मामले में. इसका 50 फीसदी से ज्यादा कर्ज रिटेल एसेट में है. जगदीशन के सामने यह चुनौती होगी कि बैंक का कॉरपोरेट बैंकिंग में एक्सपोजर कैसे बढ़ाएं क्योंकि रिटेल में बहुत तगड़ी प्रतिस्पर्धा है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here