अफगान जेल हमले के पीछे केरल का IS आतंकी, 29 की जान गई

काबुल
करीब दो दिन पहले रविवार रात को अफगानिस्तान के जलालाबाद में एक जेल में भयानक आत्मघाती हमले में 29 लोग मारे गए। इस जेल में बड़ी संख्या में इस्लामिक स्टेट के लड़ाके बंद थे और इस आतंकी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी भी ली थी। अब यह बात सामने आई है कि इस हमले को अंजाम देने वाला आत्मघाती हमलावर भारतीय था।

केरल के कासरगोड़ का निवासी
खुफिया सूत्रों का कहना है कि जलालाबाद आत्मघाती हमले के पीछे केरल का शख्स था। इसका नाम कालूकेट्टिया पुरायिल बताया गया है। वह कासरगोड़ का रहने वाला था। जानकारी के मुताबिक वह अपने परिवार के साथ जून 2016 में हैदराबाद एयरपोर्ट से भागकर मस्कट गया था और वहां से खोरासन जा पहुंचा था। उसकी पत्नी रफायला और बच्चा अफगान प्रशासन के पास हैं।

काबुल हमले का आरोपी भी केरल का
इससे पहले मार्च के महीने में काबुल के गुरुद्वारे पर हुए हमले को अंजाम देने वाला शख्स भी कासरगोड़ का रहने वाला था। अबू खालिद अल-हिंदी उर्फ मोहम्मद साजिद कुथिरुलमाल कासरगोड़ में रहने वाला एक दुकानदार था। वह चार साल पहले केरल के 14 अन्य युवकों के साथ इस्लामिक स्टेट (ISIS) में शामिल होने के लिए भाग गया था और तब से राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) इसकी तलाश में थी। इस हमले में कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई थी।

29 लोगों की गई थी जान
जलालाबाद की जेल में बंद इस्लामिक स्टेट के आतंकियों को छुड़ाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से हमला किया गया था और इस दौरान कई कैदी जेल से भागने में कामयाब भी रहे। इस भयानक हमले में जेल के कुछ कैदियों के अलावा आम नागरिक, जेल के गार्ड और अफगान सुरक्षाकर्मियों समेत कुल 29 लोगों की मौत हो गई थी। नांगरहार की राजधानी जलालाबाद में एक कारागार के प्रवेश द्वार पर आत्मघाती कार बम विस्फोट के साथ यह हमला शुरू हुआ था।

खुफिया एजेंसियों ने जलालाबाद में मारा आतंकी
इससे पहले अफगानिस्तान की खुफिया सेवा ने जानकारी दी थी कि उसने पूर्वी अफगानिस्तान में एक अभियान में शामिल इस्लामिक स्टेट से जुड़े एक शीर्ष आतंकवादी को मार गिराया है। राष्ट्रीय सुरक्षा निदेशालय ने शनिवार देर रात एक बयान जारी कर कहा था कि असदुल्लाह ओरकजई इस्लामिक स्टेट का खुफिया नेता था और विशेष बलों ने जलालाबाद के पास उसे मार गिराया। ओरकजई के अफगानिस्तान में सेना और नागरिकों को निशाना बनाकर किए कई घातक हमलों में शामिल होने का संदेह है।

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