कुलभूषण जाधव मामले में पाकिस्‍तानी कोर्ट ने तीन न्‍यायालय मित्र नियुक्‍त किए

इस्‍लामाबाद
पाकिस्‍तान की एक शीर्ष अदालत ने कुलभूषण जाधव मामले में तीन वकीलों को न्‍यायालय मित्र बनाया है। इस्‍लामाबाद हाई कोर्ट ने पाकिस्‍तान सरकार को जाधव के लिए वकील नियुक्‍त करने की खात‍िर भारत को 'एक और मौका' देने का आदेश दिया है। हाई कोर्ट के इस आदेश से पाकिस्‍तान सरकार को बड़ा झटका लगा था। इस्‍लामाबाद हाई कोर्ट के एक दो सदस्‍यीय बेंच ने तीन वकीलों को न्‍यायालय मित्र नियुक्‍त करने का आदेश दिया। न्‍यायालय मित्र वह होते हैं जो किसी मामले में कोर्ट की मदद करते हैं। अदालत ने इस मामले की सुनवाई के लिए बड़ी बेंच बनाने का भी आदेश दिया। इस मामले में अब तीन सितंबर को बड़ी बेंच के समक्ष सुनवाई होगी। इससे पहले कोर्ट ने कहा था कि भारतीय अधिकारियों को भी कुलभूषण जाधव के लिए वकील नियुक्त करने का मौका दिया जाना चाहिए। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार की अपील पर हाई कोर्ट इस मामले में सुनवाई कर रही थी और उसने जाधव के लिए वकील नियुक्त करने की इजाजत दी है। फिलहाल, यह सुनवाई 3 सितंबर तक टाल दी गई है।

पाकिस्तान सरकार की याचिका पर सुनवाई
कोर्ट ने दो सदस्यों की बेंच गठित कर पाकिस्तान सरकार की याचिका पर सुनवाई शुरू की थी। पाकिस्तान सरकार ने इस्लामाबाद हाई कोर्ट में कानूनी प्रतिनिधि नियुक्त करने को लेकर याचिका दाखिल की थी। याचिका में यह भी दावा किया गया है कि जाधव ने अपने खिलाफ सैन्य अदालत के फैसले के खिलाफ समीक्षा याचिका या पुनर्विचार याचिका दायर करने से इनकार कर दिया।

'भारत को दूसरा मौका क्यों नहीं?'
न्यायमूर्ति मिनल्ला के हवाले से जियो न्यूज ने कहा, 'चूंकि अब यह विषय उच्च न्यायालय में है, ऐसे में भारत को दूसरा मौका क्यों नहीं दिया जा रहा।' न्यायाधीश ने कहा कि भारत सरकार या जाधव समीक्षा याचिका से संबंधित अपने फैसले पर पुनर्विचार कर सकते हैं। उन्होंने कहा, 'भारत और कुलभूषण जाधव को एक कानूनी प्रतिनिधि नियुक्त करने का एक बार फिर प्रस्ताव देना चाहिए।'
 

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