मंत्री गोपाल भार्गव ने ट्वीट कर अपना मोबाइल नंबर 94251-71242 साँझा किया

भोपाल
मध्यप्रदेश (Madhypradesh) में कोरोना (Corona) का आंकड़ा 31 हजार पहुंच गया है, अब भी रफ्तार कम होने का नाम नही ले रही है। खुद प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chauhan) समेत कई मंत्री-विधायक (Minister-MLA) इसकी चपेट में आ गए है, हालांकि सुरक्षा को देखते हुए सरकार ने मध्य प्रदेश के सभी मंत्री, सांसद और विधायक आगामी 14 तारीख तक किसी भी प्रकार की मुलाकात, सार्वजनिक कार्यक्रम, मीटिंग्स, रैली, सभा पर रोक लगा दी गई है। इस संबंध में मुख्यमंत्री शिवराज ने सख्त निर्देश भी जारी किए है। सरकार के इस कदम के बाद कैबिनेट मंत्री गोपाल भार्गव (Cabinet Minister Gopal Bhargava) का एक ट्वीट सामने आया है।

गोपाल भार्गव ने ट्वीट कर कहा कि 31 जुलाई को मुख्यमंत्री शिवराज जी के साथ हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में यह निर्णय लिया गया है कि मध्य प्रदेश के सभी मंत्रीगण, सांसदगण एवं विधायकगण आगामी 14 अगस्त 2020 तक किसी भी प्रकार की मुलाकात, सार्वजनिक कार्यक्रम, मीटिंग्स, रैली, सभा इत्यादि में सम्मिलित नहीं होंगे।ऐसा निर्णय कोरोना के फैलते हुए संक्रमण पर नियंत्रण करने के लिए प्रदेश की जनता के हित में लिया गया हैं। अतः आम जनता के हित में लिए गए इस निर्णय के परिपालन में आगामी 14 अगस्त तक मैं आप सभी से सीधी मुलाकात के लिए उपस्थित नहीं रह सकूंगा। परंतु आपकी किसी भी प्रकार की तात्कालिक एवं अत्यधिक महत्त्व की सहायता के लिए मैं अपने मोबाइल नंबर 94251-71242 पर उपलब्ध रहूंगा। मेरा आप सभी से विनम्र अनुरोध है कि बहुत आवश्यक होने पर ही मुझे कॉल करें, जिससे अधिकतम लोगों से संपर्क एवं उनकी मदद हो सके।

बता दे कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चिरायु अस्पताल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से स्पष्ट शब्दों में कहा कि कोई भी व्यक्ति चाहे वह मुख्यमंत्री हो, मंत्री हो, जनप्रतिनिधि हों अथवा अधिकारी हो, यदि उन्होंने इसका पालन नहीं किया तो फिर कार्यवाही होगी। कोरोना को समाप्त करने के लिए सभी को इन सावधानियों को बरतना अनिवार्य है। उन्होंने मंत्री गणों से कहा कि आगामी 14 अगस्त तक कोई सार्वजनिक दौरे नहीं करें, वीसी के माध्यम से बैठकें करें, वर्चुअल रैली करें, अपने आवास पर भी एक बार में 5 से अधिक व्यक्तियों से न मिलें।मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि चुनाव से अधिक आवश्यक है लोगों की जान बचाना। कोई भी जनप्रतिनिधि कोई भी सार्वजनिक कार्यक्रम न करे। गाइडलाइंस का पालन न करने पर जुर्माने तथा प्रकरण दर्ज करने, दोनों की कार्रवाई की जाएगी।

 

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