फॉरवर्ड खिलाड़ी मुमताज खान को ओलिंपिक में पदक जीतना की आश

नई दिल्ली
भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम की फॉरवर्ड खिलाड़ी मुमताज खान ने शनिवार को कहा कि उनका लक्ष्य सीनियर टीम के साथ एशियन गेम्स और ओलिंपिक में पदक जीतना है। उन्होंने कहा कि अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए वह एक समय में एक कदम उठा रही हैं। इस 17 साल की खिलाड़ी ने 2018 में ब्यूनस आयर्स यूथ ओलिंपिक में 10 गोल करके भारत को रजत पदक जीतने में अहम भूमिका निभाई थी।

मुमताज ने इसके अलावा 2016 में लड़कियों के अंडर -18 एशिया कप में ब्रॉन्ज मेडल, 2018 में छह देशों के आमंत्रित टूर्नमेंट में सिल्वर और पिछले साल ‘कैंटर फिट्जगेराल्ड अंडर -21 इंटरनैशनल फोर-नेशंस टूर्नमेंट’ में गोल्ड मेडल जीता था।
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हॉकी इंडिया की ओर से जारी बयान के मुताबिक, मुमताज ने कहा, ‘मुझे पता है कि मैंने अब तक जो कुछ भी किया, वो जो मैं अपने करियर में जो हासिल करने चाहती हूं इसकी तुलना में कुछ भी नहीं है। मैं यह सुनिश्चित करना चाहता हूं कि मैं छोटे-छोटे कदम उठाने के साथ हमेशा सही चीजें करती रहूं।’

सब्जी बेचने वाले की बेटी मुमताज की यात्रा उतार-चढ़ाव से भरी रही है, लेकिन लखनऊ की यह खिलाड़ी देश के लिए अच्छा करने को लेकर दृढ़ संकल्पित है। उन्होंने कहा, ‘यह किसी से छिपा नहीं है कि मैंने व्यक्तिगत रूप से मुश्किल समय बिताया है। यह मेरे माता-पिता के लिए भी मुश्किल रहा है, लेकिन मुझे खुशी है कि उन्होंने हमेशा मेरा समर्थन किया और मैं उन्हें खुश देखने का इंतजार नहीं कर सकती।’

उन्होंने कहा, ‘मेरे मन में बहुत स्पष्ट लक्ष्य हैं कि हर ट्रेनिंग सेशन और देश के लिए खेलते हुए हर मैच में बहुत अच्छा प्रदर्शन करूं। मैं ओलिंपिक और एशियन गेम्स जैसे बड़े टूर्नमेंट में पदक जीतने में अपनी टीम की मदद करना चाहती हूं।’

मुमताज ने कहा कि स्कूल दौड़ की एक प्रतियोगिता में उनकी कोच ने उन्हें हॉकी खेलने के लिए चुना। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है 2011 में स्कूल रेस के दौरान नीलम सिद्दीकी वहां मौजूद थीं। उन्होंने मेरे पिता से मुझे हॉकी खेलने देने के लिए कहा था। उस समय मुझे खेल के बारे में ज्यादा पता नहीं था लेकिन जब मैंने इसे देखना और खेलना शुरू किया तो मुझे इसमें मजा आने लगा।'

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