मप्र में नए सिरे से होगा पंचायतों का परिसीमन,अधिकतम 35 वार्ड की होगी जिला पंचायत

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भोपाल। मप्र में आगामी 17 जनवरी से पंचायतों का नए सिरे से परिसीमन होगा। इसके अंतर्गत एक हजार से अधिक आबादी वाली पंचायतों का पुनर्गठन होगा। इसी प्रकार जिला पंचायतों में वार्डों की अधिकतम सीमा 35 तक होगी।

गौरतलब है कि बीते माह घोषित और बाद में निरस्त हुए पंचायत चुनाव से पूर्व राज्य सरकार ने पूर्ववर्ती कमलनाथ सरकार में हुए परिसीमन को निरस्त कर चुनाव के लिए अधिसूचना जारी की थी। बाद में यह मामला न्यायालय में पहुंचा और चुनाव निरस्त हुए। राज्य सरकार अब नए सिरे से परिसीमन करवा कर चुनाव कराएगी।

इसी क्रम में पंचायत विभाग ने हाल ही में परिसीमन कार्यक्रम घोषित किया। इसके अंतर्गत 17 जनवरी से यह प्रक्रिया शुरू होगी व यह कार्य फरवरी तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके लिए जनसंख्या का आधार 2011 की जनगणना को रखा जाएगा। विभाग ने कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि जनपद और जिला पंचायत के परिसीमन की प्रक्रिया 28 फरवरी तक पूरी करके प्रतिवेदन राज्य शासन को भेजा जाए।

एक हजार से अधिक आबादी होने पर बनेगी नई ग्राम पंचायत
अधिसूचना के अनुसार, परिसीमन में उन पंचायत या गांव को शामिल किया जाएगा जो नगरीय निकाय में शामिल हो गए हैं, डूब क्षेत्र में आ गए हैं या फि र पिछले परिसीमन में छूट गए हैं। नई किसी भी पंचायत का गठन उस क्षेत्र की न्यूनतम आबादी एक हजार होने पर ही होगी। पंचायत का गठन मुख्यालय से गांवों की दूरी, किसी बांध या सिंचाई परियोजना के कारण गांव के झूब में आने या परिसीमन से छूटने के आधार पर किया जा सकेगा।

इसके लिए क्षेत्र की न्यूनतम जनसंख्या एक हजार होना अनिवार्य रहेगा। निर्वाचन क्षेत्रों का निर्धारण ग्राम पंचायत की जनसंख्या के आधार पर होगा। एक हजार की जनसंख्या वाली पंचायत में कम से कम दस वार्ड रहेंगे। इससे अधिक जनसंख्या होने पर बीस वार्ड तक बनाए जा सकेंगे।

25 जनवरी तक बुलाई जाएंगी दावे,आपत्ति
पंचायत के लिए प्रारंभिक प्रकाशन 17 जनवरी को किया जाएगा। दावे, आपत्ति एवं सुझाव 25 जनवरी तक स्वीकार किए जाएंगे। इनका निराकरण करके तीन फ रवरी को ग्राम पंचायत के गठन की अंतिम सूचना का प्रकाशन किया जाएगा। वार्डों के निर्धारण की अधिसूचना 23 फरवरी को जारी की जाएगी।

इसी तरह जनपद और जिला पंचायत के निर्वाचन क्षेत्रों का निर्धारण होगा। पंचायतों का परिसीमन होने से जनपद पंचायत के निर्वाचन क्षेत्रों में संशोधन होगा। प्रत्येक जनपद पंचायत क्षेत्र में न्यूनतम दस निर्वाचन क्षेत्र होंगे। पचास हजार से अधिक जनसंख्या होने निर्वाचन क्षेत्रों को अधिकतम 25 वार्ड में विभाजित किया जा सकता है। जिला पंचायत में कम से कम दस निर्वाचन क्षेत्र रखे जाएंगे। पांच लाख से अधिक जनसंख्या होने पर यह अधिकतम 35 तक हो सकते हैं।

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