मप्र: मीसाबंदियों को स्वतंत्रता दिवस का बुलावा नहीं, भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने

भोपाल। मीसाबंदियों को स्वतंत्रता दिवस का बुलावा नहीं दिए जाने से भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासत गरमा गई है। कांग्रेस के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री कमलेश्वर पटेल ने कहा कि मीसाबंदियों पर भाजपा सरकार कुछ ज्यादा ही मेहरबान थी।

मीसाबंदियों को स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों जैसा दर्जा देने का फैसला ही गलत था। वहीं भाजपा ने कहा कि हर जिले का संगठन 15 अगस्त पर मीसाबंदियों का सम्मान करे।
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी मीसाबंदियों को स्वतंत्रता दिवस समारोह में नहीं बुलाए जाने पर कहा कि हम शहीदों का सम्मान कर रहे हैं। मीसाबंदियों की अपनी जगह है, शहीदों की अपनी जगह है।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा कि यह दुर्भाग्य है, जिन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए जेल में 19 महीने काटे, उन्हें स्वतंत्रता दिवस पर नहीं बुलाया जा रहा है।

कमलनाथ सरकार प्रतिशोध की राजनीति कर रही है। उम्र के ऊंचे पड़ाव पर पहुच चुके मीसाबंदियों के सम्मान में उन्हें परेशानी है पर आपातकाल लगे, लोकतंत्र की हत्या हो, उसमें उन्हें कोई परेशानी नहीं है।

इधर,लोकतंत्र सेनानी संघ के प्रदेश अध्यक्ष तपन भौमिक ने कहा कि मप्र में अलोकतांत्रिक सरकार बन गई है।

लोकतंत्र सेनानियों के साथ जानबूझकर ऐसा किया जा रहा है।
पूर्व शिवराज सरकार में हर जिले में कलेक्टर मीसाबंदियों को बुलाकर उनका सम्मान करते थे।

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