पेटलावद मोहर्रम जुलूस फसाद के लिए जांच आयोग ने सोशल मीडिया क ो ठहराया जिम्मेदार


भोपाल। झाबुआ के पेटलावद में 12 अक्टूबर 2016 को मोहर्रम जुलूस रोके जाने से हुए विवाद की न्यायिक जांच रिपोर्ट विधानसभा में गुरुवार को रखी गई। आयोग ने इसमें किसी प्रकार की साजिश नहीं पाई। यह पूर्व नियोजित भी नहीं थी। अचानक व्हाट्सएप पर वीडियो वायरल होने से आक्रोश की स्थिति बनी, जिसके कारण चल समारोह रोका गया। घटना आवेश में आकर होना पाया गया।
रिपेार्ट में आयोग ने कहा कि प्रशासन ने मोहर्रम जुलूस के चल समारोह को लेकर शांति समिति की बैठक की थी। इसकी विधिवत अनुमति दी गई और पर्याप्त पुलिस बल भी लगाया गया। आयोग ने सिफ ारिश की है कि भविष्य में सोशल मीडिया  में किसी व्यक्ति द्वारा जनभावनाओं को भड़काने वाले कोई पोस्ट भेजी जाए तो उसके खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाए। इसका प्रचार भी हो। जिला व तहसील स्तर पर धार्मिक उत्सवों, सार्वजनिक स्थानों पर व्यक्तियों के एकत्र होने पर वीडियो कैमरे से रिकार्डिंग करवाने का जिम्मा संबंधित टीआई का तय किया जाए। इसमें यदि कोई चूक होती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई हो। संवेदनशील मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। सोशल वेबसाइट की निगरानी के लिए पुलिस अधीक्षक तहसील स्तर पर एक कार्यदल बनाएं, जिसके प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी के नाम, पते की सूचना शासन की जिला स्तर की वेबसाइट पर डाली जाए। व्हाट्सएप ग्रुप एडमिन पर यह कानूनी जिम्मेदारी निधाज़्रित की जाए कि जो तहसील स्तर पर कार्यक्रम दल बने, उसके अधिकारियों-कर्मचारियों को उस ग्रुप में जोड़े। सरकार आयोग की सिफ ारिश पर नीतिगत निर्णय के लिए विशेष कार्यदल का गठन करेगी।

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