मप्र : विस समितियों में जगह देकर कांग्रेस के असंतुष्ट विधायकों को साधने की कवायद

भोपाल। कांग्रेस सरकार बनने के बाद अभी भी कई विधायक असंतुष्ट हैं। ऐसे कुछ विधायकों को विधानसभा की विभिन्न समितियों में सभापति व सदस्य बनाकर तव्वजो देने का प्रयास है। इसके लिए विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने नियम समिति सहित 13 समितियों का गठन किया है। सांसद और विधायकों के आवासीय प्रोजेक्ट रचना नगर टॉवर के लिए भी पांच सदस्यीय समिति बनाई गई है। समितियों में सत्ता पक्ष और विपक्ष के 143 सदस्यों को स्थान मिला है।

कांग्रेस विधायकों में हरदीप सिंह डंग लंबे समय से ही असंतुष्ट चल रहे हैं।डंग को विधानसभा गैर सरकारी सदस्यों के विधेयकों तथा संकल्पों संबंधी समिति का सभापति बनाकर मनाने का प्रयास किया गया है।

वहीं, विंध्य से गिने-चुने विधायकों के जीतने के बाद भी दूसरी बार के विधायक नीलांशु चतुर्वेदी को मंत्री नहीं बनाया गया।
बताया जाता है कि उनके लिए पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने सिफ ारिश की थी। उन्हें याचिका समिति का सभापति नियुक्त किया है।
सिंधिया समर्थक राजवर्धन विशेषाधिकार समिति के सभापति

पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक वरिष्ठ विधायक राजवर्धन सिंह दत्तीगांव भी मंत्री नहीं बनाए जाने से नाराज थे। बताते हैं कि राजवर्धन को मनाने के लिए उनकी अनुशंसा पर धार लोकसभा चुनाव क्षेत्र से दिनेश गिरवाल को प्रत्याशी बनाया गया।

अब उन्हें विशेषाधिकार समिति का सभापति बनाया है। इसी तरह दिग्विजय सिंह समर्थक घनश्याम सिंह भी मंत्री नहीं बनाए गए थे, जिन्हें अब सदस्य सुविधा समिति का सभापति बनाकर संतुष्ट करने का प्रयास किया गया है।

गुर्जर को कृषि विकास तो बिसाहूलाल को टॉवर समिति का सभापति बनाया

वरिष्ठ विधायक बिसाहूलाल सिंह, विक्रम सिंह नातीराजा, दिलीप सिंह गुर्जर और झूमा सोलंकी भी मंत्री नहीं बनाने से नाराज थे।
नातीराजा को तो लोकसभा चुनाव में पत्नी को टिकट देकर संतुष्ट कर दिया गया था लेकिन वह हार गईं।
नातीराजा को अब प्रश्न व संदर्भ समिति का सभापति भी बना दिया है। शेष अभी भी अपनी वरिष्ठता के बाद भी सरकार में जगह नहीं पाने से दुखी हैं।
झूमा सोलंकी को महिलाएं व बालकों के कल्याण संबंधी समिति तो कृषि विकास समिति में दिलीप सिंह गुर्जर को सभापति बनाया है।
बिसाहूलाल सिंह को रचना नगर टॉवर की समिति का सभापति नियुक्त किया गया है।
इनके अलावा पटल पर रखे गए पत्रों का परीक्षण करने संबंधी, पुस्तकालय, अनुसंधान व संदर्भ समिति, शासकीय आश्वासनों संबंधी समिति और प्रत्यायुक्त विधान समिति का गठन किया गया है।

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