मध्‍यप्रदेश में सवर्ण आरक्षण के मसौदे को मंजूरी

भोपाल। सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थाओं में प्रवेश के लिए सवर्णों को प्रदेश में दस प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। इसके लिए सामान्य प्रशासन मंत्री डॉ. गोविंद सिंह की अध्यक्षता में बनी मंत्रिमंडलीय उपसमिति ने केंद्र सरकार के प्रावधानों में कुछ संशोधन के साथ आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए आरक्षण के मसौदे को मंजूरी दे दी। इसे कैबिनेट की मंजूरी के साथ लागू कर दिया जाएगा।
बैठक में तय किया गया कि यदि राजस्व रिकॉर्ड में जमीन बंजर, ऊसर या बीहड़ दर्ज है तो पांच एकड़ का पैमाना लागू नहीं होगा। इसी तरह 12 सौ वर्गफीट का फ्लैट होने पर भी पात्रता रहेगी।
मंत्रालय में मंगलवार को आर्थिक रूप से ऐसे कमजोर वर्ग, जो आरक्षण के दायरे से बाहर हैं (अनारक्षित वर्ग), को दस फीसदी आरक्षण का लाभ देने के लिए डॉ. गोविंद सिंह की अध्यक्षता में कैबिनेट सब कमेटी की बैठक हुई।
इसमें डॉ. सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने प्रावधान किया है कि पांच एकड़ या उससे अधिक जमीन वाले आरक्षण के लिए पात्र नहीं होंगे, लेकिन चंबल क्षेत्र में लोगों के पास 20-20 एकड़ जमीन है पर वो बीहड़ है और वहां खेती भी नहीं होती है। यह तो उनके साथ अन्याय है। ऐसे लोगों को पात्रता होनी चाहिए। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्र में दो हजार वर्गफीट के आवासीय भूखंड और निकाय क्षेत्र में 12 सौ वर्गफीट के फ्लैट होने पर पात्रता रहनी चाहिए।
बैठक में तय किया गया कि तीन साल से राजस्व रिकॉर्ड में यदि जमीन बंजर, ऊसर या बीहड़ के तौर पर दर्ज है तो पांच एकड़ का पैमाना लागू नहीं होगा। पति-पत्नी और आश्रित बच्चों की सालाना कुल आय आठ लाख रुपए तक होने पर पात्रता रहेगी। बैठक में बनी सहमति के बाद कार्रवाई विवरण का अनुमोदन भी तत्काल कर दिया गया। अब इस मसौदे को कैबिनेट की मंजूरी के लिए जल्द से जल्द रखा जाएगा।
सामान्य प्रशासन मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने राज्यों को परिस्थितियों के हिसाब से बदलाव करने की छूट दी है। इसका उपयोग करते हुए प्रावधानों में कुछ संशोधन किए गए हैं। कैबिनेट से मंजूरी मिलते ही आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए सरकारी नौकरी और शैक्षणिक संस्थाओं में प्रवेश के लिए दस प्रतिशत आरक्षण लागू कर दिया जाएगा।
माना जा रहा है कि विधानसभा के मानसून सत्र (आठ जुलाई) की शुरुआत से पहले आरक्षण के प्रावधान लागू कर दिए जाएंगे। यह आरक्षण नियमित आरक्षण की परिधि में नहीं आएगा। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट, वित्त मंत्री तरुण भनोत, नर्मदा घाटी विकास मंत्री सुरेंद्र सिंह बघेल और अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन पीसी मीना मौजूद थे।
प्रदेश में आरक्षण की मौजूदा व्यवस्था
अनुसूचित जाति- 16 %
अनुसूचित जनजाति- 20 %
अन्य पिछड़ा वर्ग- 27 %

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