मप्र: किसान कर्ज माफी के दूसरे चरण की रकम व बैंक तय करने आज होगा राय-मशविरा

भोपाल। जय किसान कर्ज माफी योजना के दूसरे चरण में ऋण माफी की रकम तय व प्रक्रिया तय करने बुधवार को एक उच्च स्तरीय बैठक मंत्रालय में संपन्न होगी।  इसमें वित्त, कृषि और सहकारिता विभाग के अधिकारी शामिल होंगे। दूसरे चरण में क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों द्वारा देय फसल ऋण को शामिल किए जाने के आसार हैं। 
मुख्यमंत्री ने कृषि,वित्त व सहकारिता अधिकारियों की संयुक्त बैठक बुलाई
सूत्रों का कहना है कि कर्ज माफी के लिए सरकार ने प्राथमिकता में जो क्रम तय किया है, उसमें सबसे पहले सहकारी बैंक, फिर क्षेत्रीय ग्रामीण विकास बैंक और इसके बाद राष्ट्रीयकृत बैंकों का कर्जमाफ होना है। कालातीत (एनपीए) कर्ज की लगभग आधी राशि बैंक माफ  कर रहे हैं। बाकी राशि राज्य सरकार बैंकों को देगी।
कुछ हिस्सा बैंकों को भी भुगतना है। सहकारी बैंकों को इससे नुकसान न हो, इसके लिए प्राथमिक सहकारी समितियों को अंशपूंजी के तौर पर तीन हजार करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। इसमें से दो हजार करोड़ रुपए का भुगतान भी कर दिया गया है। एक हजार करोड़ रुपए अगले वित्तीय वर्ष में देने पर बात चल रही है।
 बैंकों की कितनी रकम दी,सार्वजनिक करने से बच रही है सरकार
सरकार यह भी सार्वजनिक नहीं कर रही है कि कर्जमाफी के तौर पर बैंकों को कितनी राशि दी गई है। दरअसल, भले ही कर्जमाफी किसानों की होनी हो पर राशि बैंकों को मिलनी है। इस हिसाब से सरकार को सहकारी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण विकास बैंक और राष्ट्रीयकृत बैंकों को कर्जमाफी की राशि देनी है।
2018-19 के अनुपूरक और वर्ष 2019-20 के लेखानुदान में कुल छह हजार करोड़ रुपए का प्रावधान कर्जमाफी के लिए रखा गया है। कर्जमाफी के दूसरे चरण में नियमित कर्ज किस राशि तक माफ होगा, यह कल होने वाली बैठक में तय होने के आसार हैं।
अपनाया  ‘इधर का पैसा उधर’ का फार्मूला
सहकारिता विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कर्जमाफी में एक हाथ से पैसा दे और दूसरे हाथ से ले, के फ ार्मूले पर काम हो रहा है। सहकारी समितियों को सीधे किसान की कर्जमाफी की राशि ऑनलाइन दी जा रही है। इस राशि से वे जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की उधारी चुका रहे हैं।
जिला सहकारी बैंक इससे अपने ऊपर चढ़े अपेक्स बैंक के बकाया को चुकाकर कर्जमुक्त हो रहे हैं। वहीं, अपेक्स बैंक ने राज्य सहकारी विपणन संघ की बैंकों के ऊपर चढ़ी खाद की उधारी को चुका दिया। कुल मिलाकर कर्जमाफी की राशि फि र से सिस्टम में आ गई।
सरकार का दावा,21 लाख किसानों का कर्ज माफ
गौरतलब है,कि प्रदेश सरकार ने जय किसान फ सल ऋ ण मुक्ति योजना के तहत 31 मार्च 2018 तक किसानों के दो लाख रुपए तक के कर्ज माफ करने का फैसला किया है। पहले चरण में 50 हजार रुपए तक के नियमित कर्ज और दो लाख रुपए के कालातीत कर्ज को माफ किया गया है।
लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के पहले प्रथम चरण में 50 हजार रुपए तक नियमित कर्ज माफ किया गया है। वहीं, डिफ ाल्टर किसानों को दो लाख रुपए तक कर्जमाफ ी दी जा चुकी है। सरकार का दावा है कि अभी तक 21 लाख किसानों की कर्जमाफी हो चुकी है।
छलावे का शिकार हुए किसान: विपक्ष
वहीं प्रदेश में प्रमुख विपक्षी दल भाजपा का आरोप है कि वास्तव में किसानों की कर्जमाफी नहीं हुई। बैंकों की ओर से किसानों को अनापत्ति प्रमाण-पत्र नहीं दिए गए हैं।
सरकार बैंकों को ऑनलाइन भुगतान किए जाने वाली प्रक्रिया ही नहीं हुई तो कर्जमाफ कै सा? किसानों को गुमराह करने उन्हें कृषि विभाग से जारी प्रमाण पत्र पकड़ा दिए गए जो बैंकों में मान्य नहीं है।

किसान दोहरे छलावे का शिकार हो रहा है। बैंक उन्हें डिफाल्टर बताकर नोटिस थमाने के साथ ही अगला ऋण देने से मना कर रहे हैं।

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