श्रीलंका धमाकेः सरकारी ‘लापरवाही’ पर सियासी विवाद, अब तक 310 की मौत

कोलम्बो //श्रीलंका में रविवार को चर्चों और होटलों में हुए आठ बम धमाकों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 310 हो गई है. पुलिस के मीडिया विभाग ने बताया है कि 500 लोग घायल हैं.

अधिकारियों का कहना है कि ये बम धमाके किसी अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की मदद से कराए गए. सरकार ने इसके लिए एक स्थानीय जेहादी गुट – नेशनल तौहीद जमात – का नाम लिया है, हालाँकि अभी तक किसी ने भी इस हमले की ज़िम्मेदारी स्वीकार नहीं की है. इस बीच श्रीलंका में आधी रात से इमरजेंसी लगा दी गई है.
इससे पहले पुलिस के अनुसार एक चर्च के बाहर एक वैन में विस्फोटकों को निष्क्रिय करते वक़्त उसमें धमाका हो गया. उन्होंने बताया कि ये वैन हमलावरों की थी जिन्होंने एक दिन पहले इस चर्च को निशाना बनाया था. धमाके की आवाज़ के बाद वहाँ मौजूद लोग दहशत में आकर भागने लगे.
मचा हुआ है हंगामा
इस बीच हमले की पहले से ही चेतावनी मिलने के बाद सरकार की ओर से कोई क़दम न उठाने के आरोपों पर श्रीलंका में हंगामा मचा हुआ है.
राष्ट्रपति सिरीसेना के सलाहकार शिराल लकथिलाका ने बीबीसी से कहा है कि इस बात की जांच होगी कि सरकार की ओर से कोई चूक हुई है या नहीं,

इससे पहले श्रीलंका के एक वरिष्ठ मंत्री रजित सेनारत्ने ने कोलंबो में पत्रकारों से कहा कि अंतरराष्ट्रीय ख़ुफ़िया एजेंसियों ने ऐसे किसी हमले की चेतावनी दी थी मगर ये सूचना प्रधानमंत्री रनिल विक्रमसिंघे तक नहीं पहुँच सकी. मंत्री ने कहा कि ये हमले बिना किसी अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के लिप्त हुए मुमकिन नहीं लगता.
पुलिस के अनुसार अब तक 24 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है मगर अभी ये पता नहीं है कि हमलों के पीछे कौन है. मृतकों में 36 विदेशी नागरिक हैं. आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक इनमें आठ भारतीय शामिल हैं.
भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने रविवार को भारत की लक्ष्मी, नारायण चंद्रशेखर और रमेश की मौत की पुष्टि की थी. जबकि केरल के मुख्यमंत्री ने एक अन्य भारतीय नागरिक पीएस रासीना का नाम मृतकों में जोड़ा था. इसके अलावा कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारास्वामी ने जनता दल सेक्यूलर के चार कार्यकर्ताओं के भी मारे जाने की पुष्टि की है.
आत्मघाती हमले
श्रीलंका के प्रधानमंत्री रनिल विक्रमासिंघे के मुताबिक बम धमाकों के सिलसिले में कम से कम 24 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. गिरफ़्तार किए गए सभी लोग श्रीलंका के ही नागरिक हैं. इन लोगों के किसी अंतरराष्ट्रीय संगठन से संपर्कों की भी जांच की जा रही है. अभी तक किसी भी संगठन ने इन धमाकों की ज़िम्मेदारी नहीं ली है.
री भी

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