मोदी को वापसी की पूरी उम्मीद !

नई दिल्ली// पीएम नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर केंद्र की सत्ता में वापसी का भरोसा जताते हुए कहा है कि हमने 5 साल में इतना काम किया है कि लौटने का आत्मविश्वास है।

उन्होंने कहा कि 5 साल तक मैंने पूरे समर्पण, निष्ठा और मेहनत से काम किया। मैं नया था और हर चीज को सीखते हुए, नए विचार को शामिल करते हुए काम किया। स्पीड, स्केल और स्किल के साथ खूब काम किया, लेकिन आज तक कोई दाग हमारे ऊपर नहीं है। इसके चलते हमें पूरा भरोसा है कि एक बार फिर से सत्ता में वापस लौटने वाले हैं।
दूसरे चरण के चुनाव से तीन दिन पहले डीडी न्यूज को दिए इंटरव्यू में पीएम मोदी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मैं बीते 5 नहीं बल्कि 18 सालों से गालियां सुन रहा हूं।
डिक्शनरी का ऐसा शायद ही कोई शब्द होगा, जो मेरे लिए इस्तेमाल न किया गया हो, लेकिन इन सबके बीच मैंने आत्मसंतुलन नहीं खोया। पीएम मोदी ने कहा कि राफेल डील को लेकर लग रहे आरोपों को लेकर कहा कि मेरे ऊपर बिना तथ्यों के ही सवाल उठाए जा रहे हैं।
‘उनके घर में प्रधानमंत्री हुए, इसलिए मुझ चायवाले को दे रही गाली’
कांग्रेस और नेहरू-गांधी परिवार पर सीधा हमला बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 55 साल तक देश पर वंशतंत्र चल रहा है। अगर कोई मुझे 55 महीनों के लिए जिम्मेदार मानता है तो क्या 55 साल वालों की कोई जिम्मेदारी नहीं है।
मुझे गाली का सवाल है तो वे नामदार हैं। उनके नाना, दादी और पिता प्रधानमंत्री रहे और हम कहां चायवाले। ऐसे में यह अपनी आदत के मुकाबले हम जैसे लोगों को गाली दे रहे हैं।
किसान मरे तो मुद्दा, फिर जवान की शहादत क्यों नहीं?
सेना के अभियान के राजनीतिक इस्तेमाल को सवाल पूछे जाने पर पीएम मोदी ने कहा कि मीडिया में एक हाइपर सेकुलर वर्ग है। इनका एक तौर तरीका है कि किसी भी चीज में मोदी को घेरना है। उन्होंने चौकीदार-चौकीदार कहके बात फैलाई, मैंने उसे सही रूप दे दिया।
किसान मरे तो चुनाव का मुद्दा, लेकिन जवान शहीद हो तो फिर चुनावी मुद्दा क्यों नहीं हो सकता। पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद से हम आजादी के बाद से ही जूझ रहे हैं और यदि हम मुद्दा नहीं बनाएंगे तो गलत होगा। कश्मीर पर भी हल नहीं निकला। अब क्या हमें रास्ता नहीं बदलना चाहिए क्या। क्या दुनिया का कोई देश देशभक्ति की प्रेरणा के बिना चल सकता है।
जिनका विदेशों से आने वाले धन अटका, उन्होंने कैंपेन चलाया’
अवॉर्ड वापसी और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सवाल उठाए जाने को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि इन लोगों की बातों को जनता ने स्वीकार नहीं किया। हमारे देश में विदेश से धन लाना हो तो उसके लिए कानून है। इसके तहत यदि कोई विदेश से धन लाता है तो उन्हें सरकार को हिसाब देना होता है।
कोई हिसाब देता ही नहीं था, हमने आकर कानून का पालन करने की चिट्ठी भेजी। आप हैरान हो जाएंगे कि 20 हजार ऐसी संस्थाएं निकलीं, जिन्होंने हिसाब देने से मना कर दिया। इसका मतलब हुआ कि वे रुपये देश के अहित में इस्तेमाल होते रहे होंगे। अब वे दुकानें बंद हो गईं। अब उनमें से ही कुछ लोग होंगे, जो साइन करा देते होंगे।
‘आंबेडकर ने भी किया था वंशवाद का विरोध’
गांधी परिवार पर विशेष तौर पर हमलावर रहने को लेकर पूछे जाने पर पीएम मोदी ने कहा कि एक टीवी इंटरव्यू में तो मुझसे यह पूछा गया था कि आप उनका नाम क्यों नहीं लेते। बाबा साहेब आंबेडकर ने कहा था कि वंशवाद लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा है। अगर में इसका विरोध करता हूं तो स्वस्थ लोकतंत्र के लिए कर रहा हूं।

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