मप्र : कमलनाथ के करीबियों पर IT के छापे, मिशन सीक्रेट रखने के लिए किराए पर ली गईं गाड़ियां

 भोपाल // मुख्यमंत्री कमलनाथ के करीबियों पर आयकर विभाग के हालिया छापे से सियासी पारा चढ़ गया है। यहां तक कि छापे के दौरान सीआरपीएफ और एमपी पुलिस में टकराव की भी नौबत आ गई। यह छापा दूसरे दिन भी जारी है। हालांकि, इस रेड को बेहद ही गोपनीय तरीके से अंजाम दिया गया। फिल्मी स्टाइल में आईटी अधिकारियों ने इंदौर के अलग-अलग टूर ऑपरेटरों से किराए पर टैक्सियां लीं और इन्हीं किराए की टैक्सियों से छापेमारी करने पहुंचे। शुरुआत में राज्य के अधिकारी इस मिशन से पूरी तरह अनभिज्ञ थे।
घर और दफ्तर पर छापा

इनकम टैक्स की छापेमारी से पहले किसी को भी कानोकान खबर नहीं हुई। आईटी अधिकारियों ने कुछ टूर ऑपरेटरों से सामान्य नागरिकों की तरह संपर्क किया और उनसे किराए पर दर्जनों गाड़ियां लीं। एक टूर ऑपरेटर ने बताया कि उससे आठ ट्रैवलर किराए पर ली गईं लेकिन उसे नहीं पता कि उसकी गाड़ियां कौन किराए पर ले रहा है। उसे इस बात की जानकारी तब हुई जब उनके ड्राइवरों ने छापेमारी के बाद फोन पर उन्हें बताया कि उनलोगों को छापेमारी के लिए लाया गया है।

करीब 50 जगहों पर छापेमारी
बता दें कि आयकर विभाग ने रविवार को मध्य प्रदेश, नई दिल्ली और गोवा में करीब 50 जगहों पर छापेमारी की और सोमवार तड़के तक छापेमारी जारी थी। टीम ने मध्य प्रदेश में करीब 35 जगहों पर रेड की। इस रेड में सीएम कमलनाथ के कई करीबियों के घर और दफ्तर भी शामिल रहे।
स्थानीय लोगों को भी नहीं लगी भनक
टूर ऑपरेटर ने बताया कि एक व्यक्ति उनके पास ग्राहक बनकर आया था। उसने बताया कि उसे आठ एसयूवी एक दिन के लिए किराए पर चाहिए। यह भी बताया गया कि ये गाड़ियां शहर के अंदर ही रहेंगी। इसके अलावा उन्हें कुछ नहीं बताया गया।
    
इतना ही नहीं जो गाड़ियां छापेमारी के लिए ले जाई गईं वे राजस्थान और पंजाब के रजिस्ट्रेशन वाली गाड़ियां थीं। जिस इलाके में छापेमारी की गई वहां के लोगों को भी इसकी भनक नहीं लगी। रविवार होने चलते ज्यादातर लोग या तो सोसायटी से बाहर थे या फिर घरों के अंदर थे। दोपहर बाद जब उन्होंने सीआरपीएफ के जवानों और घुड़सवार दलों को देखा तब उन्हें इसकी जानकारी हुई।
‘बदले की भावना से मारे गए छापे’
कांग्रेस ने कहा है कि जो भी मध्य प्रदेश में हो रहा है वह बदले की भावना से किया जा रहा है। चुनाव के वक्त इस तरह से धमकाकर केंद्र हमारे कार्यकर्ताओं में डर पैदा करना चाहता है। मोदी जी ऐसा कर रहे हैं, इसलिए ED और IT विभागों का गलत इस्तेमाल हो रहा है। सीएम, उनके निजी सचिव, सचिवों के घर पर छापा मारना, कांग्रेस इससे डरेगी नहीं। कांग्रेस चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार है लेकिन वे (बीजेपी) ताकत का गलत इस्तेमाल करके जीतना चाहते हैं। लोग उन्हें सबक सिखाएंगे।
 पांच बड़े सीलबंद बक्से लेकर निकली आयकर टीम
 हवाला कारोबार और टैक्स चोरी के शक में मुख्यमंत्री कमलनाथ के करीबियों पर रविवार तड़के शुरू हुई कार्रवाई सोमवार को भी जारी है।
सोमवार की दोपहर आयकर विभाग के कुछ अधिकारी मुख्यमंत्री कमलनाथ के ओएसडी प्रवीण कक्कड़ के करीबी अश्विन के घर से पांच बड़े सीलबंद बक्से लेकर बाहर निकले हैं।
इनके पीछे कुछ कर्मचारी नोट गिनने की मशीन लेकर चल रहे थे। अंदाजा लगाया जा रहा है कि इन बक्सों में नोट हो सकते हैं।
इससे पहले रविवार को भोपाल में अंसल अपार्टमेंट के उनके दो मकानों और प्‍लेटिनम प्‍लाजा में एक फ्लैट को भी खंगाला गया था। इनमें से एक जगह पर कथित तौर पर आईएएस और आईपीएस अफसरों के द्वारा किए गए निवेश से जुड़े कागजात भी मिले हैं।

 

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