चैत्र नवरात्र : शुभ योगों में आई है नवरात्रि, ऐसे करें मां की आराधना

उज्जैन। चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा पर शनिवार से वासंती नवरात्र का आरंभ होगा। शक्ति की उपासना का पर्वकाल इस बार श्रेष्ठ योगों से युक्त है।

चैत्र नवरात्र पांच बार सर्वार्थसिद्धि, दो बार रवियोग, रवि पुष्य नक्षत्र का भी संयोग।

ज्योतिषियों के अनुसार नौ दिवसीय नवरात्र में पांच बार सर्वार्थसिद्धि, दो बार रवियोग तथा एक बार रवि पुष्य नक्षत्र का संयोग बन रहा है। साधना व सिद्धि के साथ यह दिन नौ दिन देवी कृपा से धन प्राप्ति के उपाय करने के लिए भी श्रेष्ठ बताए जा रहे हैं।

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार चैत्र नवरात्रि शनिवार के दिन रेवती नक्षत्र के साथ आरंभ हो रही है। उदय काल में रेवती नक्षत्र का योग साधना व सिद्धि में पांच गुना अधिक शुभफल प्रदान करेगा।

नौ दिवसीय पर्वकाल में पांच बार सर्वार्थसिद्धि तथा दो बार रवियोग का होना धर्म शास्त्र की दृष्टि से श्रेष्ठ है। श्रीमद भागवत के अनुसार ऐसे योगों में देवी साधना का विशेष फल प्राप्त होता है।

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