जानिए कैसा गुजरेगा आपका अप्रैल का महीना (मासिक राशिफल अप्रैल 2019)

मेष: गोचर ग्रह मानसिक चिंताएं, शारीरिक कष्ट, अपयश, का सृजन कर रहे हैं। वाहन सावधानी पूर्वक चलाएं, चोट-चपेट की आशंका बन रही हैं, मानसिक तनाव की स्थिति बनी रहेगी।

रक्तचाप, हृदय रोग, उदर विकार, नेत्रविकार आदि होने की आशंका बन सकती है, सेहत का विशेष ध्यान रखें, अनावश्यक वाद-विवाद से बचें। पूरे माह गेंहू व गुड़ का दान करें तो विपरीत प्रभावों को कम किया जा सकता है।

वृषभ: ग्रह गोचर माह के पूर्वार्द्ध में व्यापार में लाभ, आमदनी में वृद्धि प्रदान करेंगे, आर्थिक, मानसिक एवं शारीरिक स्तर पर लाभ अवश्य प्राप्त होगा। वहीं माह के पूर्वार्द्ध में धन के अपव्यय से बचें, अनावश्यक यात्राएं करनी पड़ सकती हैं। पूरे माह चीनी अथवा चावल का दान करें तो शुभ फल में वृद्धि एवं अशुभ फलों से बचा जा सकेगा।

मिथुन: मिथुन राशि के लिए पूरा माह सुख-समृद्धि लाने वाला है। सभी कार्य सफलतापूर्ण संपन्न होंगे, उच्च अधिकारी प्रसन्न रहेंगे। धन लाभ व मान-सम्मान प्राप्त होगा, विद्यार्थियों को प्रतियोगिता में सफलता, नौकरी में प्रमोशन के योग बनेंगे। प्रिय व्यक्ति अथवा पुराने मित्र का आगमन प्रसन्नता दिलाएगा। तांबे का टुकड़ा या बर्तन किसी धार्मिक स्थल पर दान करें, मनोकामना पूरी होगी।

कर्क: माह का पूर्वार्द्ध जहां नकारात्मक प्रभाव लेकर आ रहा है, वहीं माह के उत्तरार्द्ध में सफलता आपका साथ देगी। माह के प्रारंभ में कार्यों में परेशानी उठानी पड़ सकती है, मित्रों व पुत्रों से मतभेद हो सकता है, भाग्य साथ नहीं देगा लेकिन माह मध्यम से ग्रह स्थिति आपके अनुकूल होगी। भाग्योदय हेतु तांबे का सूर्य बनवाकर प्रतिदिन पूजा करें तथा अपने साथ रखें।

सिंह: माह भर आपको सर्तक रहने की आवश्यकता है, शत्रु नुकसान पहुंचाने के पूरे प्रयास में हैं। बुद्धि-विवके से काम लें अन्यथा जुर्माना, मुकदमा, वाद-विवाद आदि की आशंका बन रही हैं। अपमान का भय, शरीर में पीड़ा आदि के कारण मन अप्रसन्न रहेगा, स्वास्थ्य के प्रति विशेष सावधानी बरतें। प्रतिदिन तांबे के पात्र से जल ग्रहण करें ताकि स्वास्थ्य लाभ के साथ सूर्य के विपरीत प्रभाव को दूर करेगा।

कन्या: गोचर ग्रह दाम्पत्य जीवन वैमनस्य का भाव पैदा करेंगे, जीवनसाथी से प्रेमपूर्वक व्ययहार करें। अधिकांश कामों में असफलता प्राप्त हो सकती है, इसलिए सोच-समझकर ही नया कार्य इस माह प्रारंभ करें। व्यवसाय या काम में बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं, कष्टकारी यात्राएं करनी पड़ सकती हैं। धन व मानहानि भी हो सकती है। जन्म कुंडली दिखाकर आदित्य हृदय स्तोत्र का नित्य पाठ करें ताकि अशुभ फल को कम किया जा सके।

तुला: ग्रह गोचर माह के पूर्वार्द्ध में कार्य सिद्ध करेंगे, मान-सम्मान में वृद्धि होगी, सभी प्रकार के सुख की प्राप्ती होगी। अन्न-वस्त्र इत्यादि का लाभ तथा मन व शरीर स्वस्थ रहेगा। माह के अंत में सावधानी बरतें। बहते पानी में तांबे का सिक्का डालें ताकि सूर्यदेव का पूर्ण आशीर्वाद मिल सके।

वृश्चिक: ग्रह गोचर मानसिक भ्रम की स्थिति में डाल सकता है। स्वयं और संतान को स्वास्थ्य कष्ट पैदा हो सकता है। बेवजह राज्याधिकारियों अथवा सरकार से वाद-विवाद की स्थिति आ सकती है लेकिन माह के मध्य में संघर्ष के साथ सफलता एवं धन लाभ की स्थिति बन रही है। पूर्ण बुद्धि-विवके का उपयोग कर लाभ के प्रतिशत में वृद्धि की जा सकती है। तांबे का टुकड़ा भूमि के अंदर गाड़ें ताकि विपरीत प्रभावों से सरलतापूर्वक बचा जा सके।

धनु: ग्रह गोचर धनु राशि वालों को मानसिक व शारीरिक व्यथा बढ़ाएगा। सुखों में कमी के कारण घरेलू झगड़े भी हो सकते हैं। जमीन-जायदाद संबंधी अनेक समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। अनावश्यक यात्रा करनी पड़ती है तथा असुरक्षा का भय भी बना रहेगा। पूरे माह सुबह-सुबह सूर्य भगवान को नमस्कार करें तथा तांबे के पात्र से जल अर्पण करें, लाभ अवश्य प्राप्त होगा।

मकर: उच्च राज्याधिकारियों व सज्जनों से मुलाकात के योग बनाएगा। पुत्र तथा मित्रों से सम्मान मिलेगा। शत्रुओं पर विजय और धन-मान प्रतिष्ठा प्राप्त होगी, पद लाभ के साथ-साथ आर्थिक लाभ भी प्राप्त होगा। माह के अंत में बनते कार्य बिगड़ने लगेंगे, अतः जो भी कार्य करना है, माह के प्रारंभ में ही करें। घर से निकलने से पूर्व रोजाना गुड़ खाकर जाऐं, कार्यों में सफलता प्राप्त होगी।

कुंभ: माह के प्रारंभ मे कार्य विलंब से पूर्ण होंगे, मान-सम्मान में कमी, विवादों के कारण मानसिक व्यथा, दुष्ट व बुरे लोगों की संगति का प्रभाव देखने को मिलेगा। लेकिन मध्य माह से व्यापार और संपति में हानि का भय का योग लाभ के योग में परिवर्तित होने लगेगा। मेहनत के अनुपात में सफलता प्राप्त होने से मन प्रसन्न रहेगा। नकारात्मक प्रभाव को कम करने हेतु पूर्ण माह भर प्रत्येक रविवार गुड़ दान करें।

मीन: धन लाभ के लिए विशेष संघर्ष करना पड़ेगा, किसी तीसरे व्यक्ति के कारण प्रिय व्यक्तियों से वाद-विवाद एवं कष्ट प्राप्त होगा। यात्रा में कष्ट एवं मानसिक परेशान हो सकते है। अज्ञात भय के कारण नींद की समस्या बनी रहेगी। रक्तचाप, हृदय रोग, उदर विकार, नेत्रविकार आदि होने की आशंका बन सकती है। विष्णु भगवान की उपासना मार्ग प्रशस्त कर सफलता दिलाएगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here