सैलरी से ज्यादा पेंशन का भुगतान इस वित्त वर्ष में करेगी सरकार: वित्त मंत्रालय

नई दिल्ली। वित्त मंत्रालय ने जानकारी दी है कि इस वित्त वर्ष सरकार की ओर से किया जाने वाला पेंशन भुगतान सैलरी भुगतान के मुकाबले 10,000 करोड़ रुपए अधिक होगा। वित्त मंत्रालय का दस्तावेज बताता है कि यह ट्रेंड अगले दो वर्षों तक और जारी रहेगा।

वित्त मंत्रालय का दस्तावेज बताता है यह ट्रेंड दो वर्षों तक जारी रहेगा। आने वाले सालों में सब्सिडी और ब्याज भुगतान पर भी खर्च बढ़ेगा।

लोकसभा में पेश किए गए मध्यावधि व्यय रूपरेखा (एक्सपेंडीचर फ्रेमवर्क) के अनुसार, आने वाले सालों में सब्सिडी और ब्याज भुगतान पर भी सरकार का खर्च बढ़ेगा। हालांकि, सकारात्मक पहलू यह है कि वर्ष 2020-21 तक सरकार राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के तीन फीसद के स्तर पर लाने में कामयाब रहेगी।

वहीं, सरकार ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य 3.1 फीसद और चालू वित्त वर्ष के लिए 3.3 फीसद रखा है। इसके अलावा पूंजीगत व्यय के चालू वित्त वर्ष में तीन लाख करोड़ रुपए के बजटीय अनुमान से थोड़ा अधिक रहने का अनुमान है।
वहीं, वित्त वर्ष 2019-20 में इसके बढ़कर 3.27 लाख करोड़ रुपए रहने और बाद में इसके 3.76 करोड़ रुपए तक पहुंचने की उम्मीद है। वहीं, मध्यावधि व्यय रूपरेखा में अगले तीन वर्ष के व्यय लक्ष्यों को तय किया गया है, जिसमें देश की जीडीपी वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष में 7.3 फीसद रहने, वर्ष 2019-20 में 7.5 फीसद और वर्ष 2020-21 में 7.8 फीसद रहने का अनुमान लगाया गया है।

अनुमान के मुताबिक, सरकार का वेतन व्यय 1.58 लाख करोड़ रुपए रहेगा, जो बीते वित्त वर्ष में 1.50 लाख करोड़ रुपए रहा था। इसके साथ ही वित्त वर्ष 2019-20 में इसके बढ़कर 1.66 लाख करोड़ रुपए और वर्ष 2020-21 में 1.74 लाख करोड़ रुपए रहने का अनुमान है।
वित्त मंत्रालय का दस्तावेज बताता है यह ट्रेंड दो वर्षों तक जारी रहेगा। आने वाले सालों में सब्सिडी और ब्याज भुगतान पर भी खर्च बढ़ेगा।

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