जून के 5.77 फीसदी से घटकर जुलाई में 5.09 फीसदी रही थोक महंगाई

नई दिल्ली। खाने-पीने की चीजें, खास तौर पर फल और सब्जियां सस्ती होने के कारण जुलाई में थोक भाव के हिसाब से महंगाई दर घटी है। इससे पहले खुदरा कीमतों के हिसाब से भी महंगाई कम होने केआधिकारिक आंकड़े जारी किए गए थे।

Costliness
खाने-पीने की चीजें, खास तौर पर फल और सब्जियां सस्ती होने के कारण जुलाई में थोक भाव के हिसाब से महंगाई दर घटी है।

मंगलवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक जुलाई में थोक भाव की महंगाई दर 5.09 प्रतिशत रह गई। जून में महंगाई दर 5.77 प्रतिशत पर पहुंच गई थी, जो केंद्र की मौजूदा सरकार के कार्यकाल में सबसे अधिक है।

वैसे इस साल मई में थोक महंगाई दर 4.43 प्रतिशत रही थी। इन सबके मुकाबले पिछले साल जुलाई में थोक महंगाई दर केवल 1.9 प्रतिशत थी।
मई की थोक महंगाई दर 4.43 प्रतिशत से संशोधित होकर 4.78 प्रतिशत रह गई है। माह दर माह आधार पर जुलाई में कोर थोक महंगाई 4.7 फीसदी से बढ़कर 4.8 प्रतिशत हो गई है।

माह दर माह आधार पर जुलाई में प्राइमरी आर्टिकल्स की थोक महंगाई 5.3 से घटकर 1.73 फीसदी रह गई। इस दौरान कारखानों में तैयार सामान की थोक महंगाई 4.17 से बढ़कर 4.26 प्रतिशत हो गई। ईंधन और बिजली की थोक महंगाई भी 16.18 से बढ़कर 18.10 फीसदी रही।
माह दर माह आधार पर जुलाई में खाने-पीने की चीजों की थोक महंगाई 1.56 से घटकर -0.86 फीसदी रही। इसका मतलब है कि इन चीजों के भोक भाव बढ़ने के बजाए घटे हैं। पिछले महीने दालों के थोक भाव 20.23 फीसदी घटे, जबकि जून में इनके भोक भाव में 17.03 फीसदी गिरावट आई थी। माह दर माह आधार पर जुलाई में आलू की थोक महंगाई 99.02 फीसदी से घटकर 74.28 फीसदी रह गई। अन्य सब्जियों की थोक महंगाई भी 8.12 फीसदी से घटकर -14.07 फीसदी रह गई, लेकिन प्याज की थोक महंगाई 18.25 से बढ़कर 38.82 फीसदी हो गई।

इससे पहले सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक फल और सब्जियों के दाम घटने कारण जुलाई में खुदरा कीमतों की महंगाई की दर घटकर 4.17 प्रतिशत रह गई, जो पिछले 9 महीने में सबसे कम है। जून में रिटेल महंगाई दर 4.92 प्रतिशत रही थी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here