प्रदेश की नई आबकारी नीति पर हाईकोर्ट का स्टे,अगली सुनवाई 19 को

              सरकार का यू टर्न ,कहा-पुरानी नीति को ही आगे बढ़ाया
भोपाल (janprachar.com)
 प्रदेश की नई आबकारी नीति पर हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने रोक लगा दी है। बगैर गजट नोटिफि केशन के शराब नीति लागू करने को मुद्दा बनाकर गुरुवार को न्यायालय में जनहित याचिका दायर की गई थी, जिस पर सुनवाई करते हुए जस्टिस एससी शर्मा और जस्टिस वीरेंद्र सिंह की युगल पीठ ने यह आदेश दिए हैं। इस मामले में अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी।
कोर्ट ने प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव, एक्साइज कमिश्नर, असिस्टेंट एक्साइज कमिश्नर और इंदौर कलेक्टर को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में जवाब देने के आदेश दिए हैं। 
इंदौर के पाटनीपुरा क्षेत्र में रहने वाले ओम प्रकाश ने एडवोकेट पुष्यमित्र भार्गव के माध्यम से जनहित याचिका दायर की है। उनका कहना है सरकार ने नियमों को ताक पर रखकर बिना गजट नोटिफि केशन किए नई आबकारी नीति लागू की है। इसके अलावा देशी शराब दुकानों से भी अंग्रेजी शराब बेचे जाने का प्रावधान शामिल किया गया है, जो गलत है।
कमलनाथ सरकार का यू टर्न
देश भर में हल्ला मचने के बाद कमलनाथ सरकार ने देशी शराब की दुकानों पर विदेशी शराब बेचने की खबरों का खंडन किया है। प्रदेश के वाणिज्य कर मंत्री बृजेंद्र सिंह राठौर ने कहा है कि सरकार का देसी शराब की दुकान पर विदेशी शराब बेचने का इरादा नहीं है। शराब लाइसेंस की राशि में 15 से 20 फ ीसदी वृद्धि की गयी है।  उन्होंने कहा, फि लहाल बीजेपी सरकार की आबकारी नीति ही प्रदेश में लागू है। सरकार नशे को कम करने पर विचार करेगी। इससे पहले खबर आई थी कि कमलनाथ सरकार ने देशी शराब की दुकानों पर विदेशी शराब बेचने की अनुमति दे दी है और एनओसी के लिए इसे चुनाव आयोग के पास भेजा है। सरकार चाहती है कि लोकसभा चुनाव से पहले देशी शराब की दुकानों पर विदेशी शराब उपलब्ध करा दी जाए।

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