विधायकों की तुलना में सांसदों को चुनने में प्रदेश के मतदाताओं की रुचि कम

60-62 प्रतिशत से अधिक कभी नहीं हुआ मतदान, चुनाव आयोग मतदान प्रतिशत बढ़ाने कर रहा जतन,मोदी ने भी की अपील
भोपाल 
 विधानसभा चुनाव की तुलना में  लोकसभा निर्वाचन को लेकर प्रदेश के मतदाताओं की रुचि कम ही रही है। इसके चलते यहां मतदान का प्रतिशत साठ के आसपास ही रहा।  यहां तक कि नेता विशेष के  पक्ष में लहर के बावजूद सूबे में मतदान का प्रतिशत 62 से अधिक नहीं हो सका। 
 बीते तीन दशकों के चुनावों पर ही नजर डाली जाए तो महज वर्ष 1998 के चुनाव में मतदान प्रतिशत सर्वाधिक 61.92 प्रतिशत दर्ज किया गया। यह तब कि बात है,जब मप्र का विभाजन नहीं हुआ और यहां लोकसभा की 40सीटें हुआ करती थी। इस चुनाव में भाजपा को 29 तो कांग्रेस को 11 सीटों पर जीत हासिल हुई थी।  
 बीते 28 सालों में देश में लोकसभा के  आधा दर्जन बार चुनाव हुए। खास बात यह है,कि हर बार मतदान का प्रतिशत साठ के आसपास ही रहा। यहां तक कि पिछले चुनाव में मोदी लहर में भी इसमें महज 1.60 प्रतिशत का ही इजाफा हो सका।  जबकि पूरे देश में मतदान प्रतिशत 66.4 प्रतिशत दर्ज हुआ था। हालांकि इसके पहले के लोकसभा चुनाव की तुलना की जाए तो यह मोदी लहर का असर ही था कि पिछले चुनाव में मतदान के प्रतिशत में 10 फ ीसदी का इजाफ ा हुआ। गौरतलब है कि वर्ष 2009 के चुनाव में यह मतदान प्रतिशत मात्र 51.16 प्रतिशत रहा था।
 वर्ष 1991 में हुआ था सबसे कम मतदान
वर्ष 1991 में हुए लोकसभा में चुनाव में अब तक का सबसे कम 55.88 प्रतिशत मतदान हुआ। जबकि मध्यप्रदेश में यह मतदान प्रतिशत 44. 35 दर्ज किया गया। दसवीं लोकसभा के लिए यह मध्यावधि चुनाव था, क्योंकि पिछली लोकसभा को सरकार के गठन के सिर्फ  16 महीने में भंग कर दिया गया था। चुनाव विपरीत परिस्थितियों में हुए थे। मण्डल आयोग की सिफ ारिशें लागू होने और राम जन्म भूमि मस्जिद विवाद छाया रहा। देशभर में हिंसा और विरोध प्रदर्शन हुए। मध्यप्रदेश भी इससे अछूता नहीं रहा। भाजपा ने इसे प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाया। जाति के आधार पर वोट बंटा। कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी, भाजपा दूसरे और जनता दल तीसरे नम्बर पर रही। त्रिशंकु सरकार बनी और तब पामुलापति वेंकट नरसिंहराव  प्रधानमंत्री बनाए गए थे। 
 मतदान प्रतिशत बढ़ाने का जतन, मोदी ने भी की अपील
 चुनाव आयोग ही नहीं केंद्र सरकार भी प्रदेश में मतदान प्रतिशत बढ़ाने का जतन कर रही है। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को ट्वीट के जरिए देश की 71 हस्तियों से मतदान प्रतिशत बढ़वाने की अपील की। इधर, मतदान को लेकर चुनाव आयोग भी निरंतर अभियान चला रहा है। इसके चलते पिछले विधानसभा चुनाव में रिकॉर्ड मतदान हुआ। इससे पहले भी विस चुनावों में मतदान प्रतिशत 70 तक पहुंच चुका है,लेकिन लोस चुनाव में अब तक मतदाताओं में यह उत्साह नहीं रहा। 
 मध्यप्रदेश में कब कितनी हुई वोटिंग –
वर्ष – वोटिंग
2014 – 61.60
2009 – 51.16
2004 – 48.09
1999 – 54.85
1998 – 61.72
1996 – 54.06
1991 – 44. 35

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here