आचार संहिता लगने वाली है,नियम-प्रक्रिया पालन का वक्त नहीं.. और हो गई नियुक्ति

 आचार संहिता लगने वाली है,नियम-प्रक्रिया पालन का वक्त नहीं.. और हो गई नियुक्ति
       राज्य खनिज निगम में 65 साल के रिटायर्ड अफसर को बनाया सलाहकार
 भोपाल (janprachar.com)
 शिवराज सरकार पर भारी भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वाली कमलनाथ सरकार में भी अजीबो-गरीब फैसले लिए जा रहे हैं। भ्रष्टाचार के लिए बदनाम खनिज विभाग में 5 साल पहले रिटायर्ड हो चुके अधिकारी शरद दुबे को नियम-प्रक्रिया दरकिनार कर खनिज विकास निगम में सलाहकार नियुक्त किया गया है। इसके लिए विभाग के प्रमुख सचिव नीरज मंडलोई ने बाकायदा नीटशीट चलाई और लिखा कि आचार संहिता लगने वाली है, नियम प्रक्रिया पालन करने का समय नहीं है। 
 
सूत्रों के अनुसार, निगम से आदेश जारी होने के बाद शरद दुबे ने खनिज विकास निगम के मुख्यालय पहुंचकर सलाहकार के रूप में आमद दे दी है। दुबे खनिज निगम में महाप्रबंधक (ऑपरेशन)रह चुके हैं और रेत खदानों का काम देखते थे। वे खनिज निगम में ताकतवर अधिकारी रहे हैं। उनके महाप्रबंधक रहते रेत ठेकेदारों से मधुर संबंध थे। बताया जाता है,कि इन्हीं की सिफ ारिश पर दुबे को खनिज विकास निगम में 40 हजार रुपए महीने के मानदेय पर 6 महीने के लिए सलाहकार नियुक्त किया गया है। हालांकि पहले उन्हें संविदा नियुक्ति दी जाने के लिए नोटशीट लिखी गई थी,लेकिन उनकी उम्र 65 साल से अधिक होने एवं संविदा नियमों के दायरे में नहीं आने की वजह से  उन्हें नियम-प्रक्रिया पालन नहीं करते हुए सलाहकार नियुक्त किया गया है। 
कोर्ट जाने की तैयारी में विरोधी
दुबे की नियुक्ति से खनिज विकास निगम में हड़कंप मच गया है। उनके विरोधी खेमा इस नियुक्ति को लेकर कोर्ट जाने की तैयारी में है। इसके लिए शासन की नोटशीट को आधार बनाया जा सकता है। क्योंकि दुबे की नियुक्ति में नियम-प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया और नोटशीट पर सीधे आदेश जारी किए गए हैं। इस नियुक्ति को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों का तर्क  है,कि निगम एक कंपनी है और इसमें सामान्य प्रशासन विभाग के नियम-कायदे लागू नहीं होते। 

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