एयर स्ट्राइक पाक में हुई,सदमा भारत में बैठे कुछ लोगो को लगा: मोदी

धार में सभा कर किया लोस चुनाव  का शंखनाद
एयर स्ट्राइक पाक में हुई,सदमा भारत में बैठे कुछ लोगो को लगा: मोदी
कहा- सेना के पराक्रम पर सबूत मांगने वाले महामिलावटी पाकिस्तान के पोस्टर बॉय बन गए 
भोपाल (janprachar.com)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर कांगे्रस व एयर स्ट्राइक पर सबूत मांगने वाले अन्य विपक्षी दलों पर तंज कसते हुए कहा,कि एयर स्ट्राइक पाकिस्तान में हुई,लेकिन इसका सदमा भारत में बैठे कुछ लोगों को लगा। उन्होंने कहा,कि यह सबूत मांगने वाले पाकिस्तान के पोस्टर बॉय बने हुए हैं। मोदी को गालियां देने पर उन्हें वहां तालियां मिल रही हैं।
 प्रधानमंत्री ने यह बात मंगलवार को धार जिला मुख्यालय में आयोजित एक जनसभा में कही। उन्होंने विजय संकल्प रैली के जरिए प्रदेश में लोक सभा चुनाव का शंखनाद भी किया। प्रधानमंत्री  ने कहा,कि
भारत ने आतंकियों के सरपरस्तों को डंके की चोट पर कह दिया है कि अब उनके सामने सुधरने के अलावा कोई चारा नहीं। फि र भी नहीं सुधरेंगे, तो क्या किया जाएगा, क्या होगा ये भी उन्हें बता दिया गया है।  प्रधानमंत्री ने कहा,कि आतंकवादियों का मुकाबला, उनका खात्मा अकेले मोदी नहीं कर सकता। सवा सौ करोड़ देशवासी कर सकते हैं। ये ताकत हिंदुस्तान में है। 
कांग्रेस व दिग्विजय पर साधा  निशाना
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा,कि सालों तक इस देश पर शासन करने वालों की मानसिकता ही कुछ और है। पुलवामा हमले को लेकर दिया गया जवाब जब पूरे देश व दुनिया को सही लगा, लेकिन यह हमारे देश का दुर्भाग्य है, कि अपने शासनकाल में सेनाओं के हाथ बांधकर रखने वाले उस दल के नेता अब हमारे जवानों के पराक्रम पर सवाल उठा रहे हैं। मध्यप्रदेश के एक नेता (पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह)तो और आगे नजर आते हैं। आज सुबह ही उन्होंने पुलवामा हमले को दुर्घटना कहा है। यानी एक हादसा, जो बस हो गया। देशवासी समझ लें ये ऐसे ही नहीं बोले, ये इनकी मानसिकता है। ये इनकी रगों में पड़ा है। आतंकियों को बचाने के लिए, उनका पक्ष लेने के लिए अब ये उनके द्वारा किए गए हमले को एक हादसा बता रहे हैं। उन्होंने लोगो से पूछा कि आप बताइये क्या पुलवामा में जो हुआ वह क्या केवल एक हादसा था ? क्या ये आतंकी हमले के राक्षसी कृत्य की गंभीरता को कम करने की कोशिश है या नहीं? 
 उन्हें लादेन भी शांतिदूत लगता था
नामदार परिवार के सिपहसालार को ओसामा बिन लादेन भी शांतिदूत लगता था। जिन्होंने मुंबई हमले में पाकिस्तान को क्लीन चिट दे दी थी और जांच को भटकाने की कोशिश की थी। बाटला हाउस एनकाउंटर के समय ऐसे ही एक और राजदरबारी ने दुनिया को बताया था। तब रिमोट से सरकार चलाने वालों के आंसू रुकते नहीं थे। ये कौन थे जिनके आतंकियों के लिए आंसू रुकते नहीं थे। क्या ऐसी कांग्रेस से आतंक के खिलाफ कार्रवाई की उम्मीद की जा सकती है। क्या ये आतंक के सरपरस्तों को खत्म कर सकते हैं, उनमें दम है, माद्दा है, इरादा है। कौन कर सकता है आतंक के प्रति इसी कांग्रेसी रवैये के कारण आतंक को मुंहतोड़ जवाब नहीं मिल पाता। आज ये स्ट्राइक पर सवाल उठा रहे हैं, 
लेकिन जब इनकी सरकार थी तब क्या होता था। ये हर आतंकी हमले के बाद चुप बैठ जाते थे, या फि र हमारी जवानों की कार्रवाई पर आंसू बहाते थे। इनका वही चेहरा एक बार फि र सामने आया है। एयर स्ट्राइक पाकिस्तान में हुई, लेकिन सदमा भारत में। विपक्ष के लोगों का चेहरा देखिए एक हफ्ते से ऐसा मुंह लटकाए हैं मानो दुखों का पहाड़़ टूट गया हो।
मोदी को गाली के बदले इन्हें पाकिस्तान में  मिलती है ताली
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ मिलकर भारत भर में महामिलावट करने वाले लोग अब अंतरराष्ट्रीय महामिलावट कर रहे हैं। यहां ये मोदी को गाली देते हैं वहां पाकिस्तान में इनके लिए तालियां बजती हैं। अखबारों की हैडलाइंस भरी पड़ी हैं। चैनलों पर इनके ही चेहरे दिखाई पड़ते हैं। आजकल ये महामिलावटी लोग पाकिस्तान के पोस्टर बॉय बन गए हैं। आपने देखा होगा, एयर स्ट्राइक के बाद पाक की बोलती बंद हो गई, अलग-थलग पड़ गया, तो उसकी इज्जत बचाने के लिए यही मिलावटी सामने आ गए। कोई सबूत मांगने लगा, कोई आतंकियों की लाशों की संख्या पूछने लगा। ये लोग पाकिस्तान को ही शांति का दूत बताने लगे। हमारी सेना का पराक्रम पूरा विश्व मान रहा है, ये सेना से ही सबूत मांगकर उसका मनोबल तोड़ रहे हैं। 
श्रमिकों को मिलेगी तीन हजार रुपए पेंशन
 इस मौके पर श्री मोदी ने प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना का शुभारंभ भी किया। उन्होंने कहा,कि उनकी सरकार देश की सुरक्षा, गरीब का कल्याण दोनों काम ईमानदारी से कर रही है। योजना का शुभारंभ करते हुए उन्होंने कहा,कि अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिको, कामगारों को इस योजना का लाभ मिलेगा। ऐसे लगभग 42 करोड़ कामगारों को साठ साल की आयु के बाद हर माह तीन हजार रुपए की पेंशन मिलेगी। इसके लिए औसतन 100 रुपए का अंशदान देना होगा। जितना ये अंशदान देंगे, उतना ही केंद्र की मोदी सकरार जमा करेगी। आज इस योजना का पहला दिन है। अब तक 14 कामगार इससे जुड़ चुके हैं। 

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