मध्य प्रदेश के सभी प्राइवेट कॉलेजों की फीस होगी एक समान, अगले शिक्षा सत्र से लागू होंगे नियम

भोपाल।मध्य प्रदेश के सभी प्राइवेट कॉलेजों की फीस एक जैसी करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सभी यूनिवर्सिटी को इसकी समीक्षा करने के निर्देश उच्च शिक्षा विभाग ने जारी कर दिए। इसके लिए सभी कॉलेजों से पूछा जाएगा कि उनके यहां कितने छात्र हैं, अभी कितनी फीस ले रहे हैं और क्या सुविधाएं दे रहे हैं। प्रदेश के सभी यूनिवर्सिटी अपने क्षेत्र के सभी प्राइवेट कॉलेजों से यह जानकारी एक प्रोफार्मा जारी कर पूछेंगे।

मप्र : प्राइवेट कॉलेजों की एक समान फीस के नियम अगले शिक्षा सत्र से लागू होंगे।

अभी पूरे प्रदेश में सभी प्राइवेट कॉलेजों की फीस अलग-अलग है। किसी कॉलेज में यूजी कोर्स की फीस 6 से 10 हजार रुपए के बीच है तो कुछ बड़े कॉलेजों में यह 15 से 25 हजार के बीच। फीस के इस अंतर को दूर करने के लिए यूनिवर्सिटी सभी कॉलेजों से जानकारी लेकर एक फीस प्रारूप तैयार करेगे और उसे फीस निर्धारण समिति के सामने रखकर फीस तय करवा ली जाएगी। इस प्रक्रिया में लगभग 5 महीने का समय लगेगा और अगले शैक्षणिक सत्र से सभी प्राइवेट कॉलेजों में एक जैसी ही फीस लगेगी।

उच्च शिक्षा विभाग ने 4 महीने पहले सभी प्राइवेट कॉलेजों की फीस एक जैसी करने के निर्देश जारी किए थे। यह काम यूनिवर्सिटी को अपने स्तर पर करना है। जिन कॉलेजों में शिक्षक, लाइब्रेरी और लैब की स्थिति अच्छी है, उन कॉलेजों में फीस ज्यादा ली जाती है। लेकिन जिन कॉलेजों में यह सुविधाएं नहीं हैं, छात्र प्रवेश फॉर्म भरता है और उसके बाद सीधा परीक्षा में ही शामिल होता है, ऐसे कॉलेजों में फीस कम है। फीस का अंतर दूर होने के बाद जो कॉलेज छात्रों को सुविधा नहीं देंगे, वह जल्द ही संबद्धता प्रक्रिया से बाहर हाे जाएंगे।

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