प्रदेश में हत्या,लूट, अपहरण का खुला तांडव, सरकार तबादला उद्योग में व्यस्त : राकेश सिंह

प्रदेश में हत्या,लूट, अपहरण का खुला तांडव, सरकार तबादला उद्योग में व्यस्त : राकेश सिंह

इंदौर व  नीमच के बाद अब सतना में स्कूली बच्चों के अपहरण की वारदात सामने आने पर विपक्षी दल भाजपान  ने राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया है। पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह एवं अन्य भाजपा नेताओं ने अपने बयान में कहा,कि प्रदेश में अपराधों की बाढ़ आई हुई है और सरकार तबादला उद्योग में व्यस्त है।
 भाजपा प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह ने  प्रदेश सरकार को आगाह किया है कि वह तबादला उद्योग से ध्यान हटाकर प्रदेश की कानून की चिंता करें। क्योंकि पिछले कुछ ही दिनों में प्रदेश में हत्या, लूट, पुलिस पर हमले और अपरहण की वारदातों की बाढ़ सी आ गई है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने आज सतना जिले में दो बच्चों का पिस्तौल की नोक पर अपहरण किए जाने की घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है। आज ही रीवा जिले में एक व्यक्ति को दिनदहाड़े गोली मार दी गई। बैतूल जिले में बीती रात एक पेट्रोल पंप को लूट लिया गया। इससे पहले भी लगातार 7- 8 दिन तक हत्याओं का सिलसिला मध्यप्रदेश में चलता रहा। भोपाल में पुलिस जब अपराधियों को पकडऩे जाती है तो उस पर अपराधी हमला करते हैं और सरकार के नुमाइंदे तुष्टीकरण की राजनीति करते हुए उसमें कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने देते।
एक ओर जहां मध्यप्रदेश में लूट हत्या और अपहरण का खुला तांडव हो रहा है, वहीं दूसरी ओर सरकार पिछले 2 महीने से सिर्फ  एक ही उद्योग चला रही है जिसे तबादला उद्योग कहते हैं। मुख्यमंत्री कमलनाथ की हालत एक बेबस व्यक्ति जैसी दिखाई देती है। एक अधिकारी का तबादला करते हैं और थोड़ी देर बाद उसे फिर बदल देते हैं। अधिकारियों के तबादले मंत्रियों और विधायकों की पसंद नापसंद के आधार पर किए जा रहे हैं। सारा प्रशासनिक अमला और विशेष रूप से पुलिस अधिकारियों के भीषण तबादलों के कारण पुलिस का मनोबल बुरी तरह चरमरा गया है। इस भारी भरकम तबादला उद्योग के पीछे क्या मंशा है, इसके बारे में समझा जा सकता है। लेकिन हम सरकार को आगाह करना चाहते हैं कि यदि अपराधियों के खुले तांडव को रोकने के लिए ठोस कार्यवाही नहीं की गई तो भारतीय जनता पार्टी  हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठेगी । हमें जनता के जान माल की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरना पड़ेगा।
  प्रदेश में बढ़ रहे हैं अपराध: भार्गव
 इधर,नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने भी बच्चों के अपहरण की बढ़ती वारदातों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा,कि जिन पालकों के बच्चे अपहृत हो रहे हैं, उन पर क्या बीत रही है। यह बात सहजता से समझी जा सकती है,लेकिन  राज्य सरकार को पीडि़तों की भावनाओं से कोई लेना-देना नहीं। वह तबादलों व चुनावी बैठकों में व्यस्त है। वहीं पूर्व जनसंपर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने भी ट़्वीट कर प्रदेश में बच्चों के बढ़ते अपहरण की वारदातों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा,कि प्रदेश में अपराध निरंतर बढ़ रहे हैं।

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