भोपाल,इंदौर,विदिशा को लेकर पसोपेश में कांग्रेस,दे सकती है हारे हुए नेताओं को मौका

लोकसभा चुनाव में प्रत्याशियों के चयन को लेकर प्रदेश के दोनों ही प्रमुख दलों में कवायद शुरु  हो गई है। पंद्रह साल के लंबे अंतराल के बाद प्रदेश की सत्ता में वापस लौटी कांग्रेस इस मामले को लेकर अधिक दुविधा में है। एक और उसके पास विधानसभा का चुनाव हारे अपने इलाकों के कद्दावर नेताओं की फेहरिस्त है तो, दूसरी ओर भाजपा से तोड़ कर लाए गए नेताओं के पुनर्वास का सवाल। वहीं भोपाल,इंदौर समेत मालवांचल व बघेलखंड की कुछ सीटों पर प्रत्याशियों क ी तलाश  को लेकर भी वह पसोपेश में है। र्
 सूत्रों के मुताबिक, लोकसभा प्रत्याशियों के चयन को लेकर पार्टी की ओर से अब तक तीन सूचियां तैयार की गई,लेकिन उसे हर बार इनमें बदलाव करना पड़ा। दरअसल,मैदानी स्तर के पदाधिकारियों से मंगाए गए नामों में अधिकतर सीटों से उसे पार्षद व इसी स्तर के नेताओं के नाम मिले। वहीं अपने खुद के सर्वेक्षण के आधार पर तैयार की गई सूची में भी चित-परिचित चेहरों के अलावा विधानसभा चुनाव हारे हुए नेताओं के एडजस्टमेंट का दबाव भी परिलक्षित हुआ।
इसके इतर एक तीसरी सूची शनिवार को दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा बुलाई गई बैठक के दरम्यान पेश की गई।  इसमें विस चुनाव हारे हुए नेताओं में कम से कम पांच को लोकसभा चुनाव में टिकट दिए जाने की सिफारिश की गई। बताया जाता है,कि इस सूची में भाजपा से तोड़कर लाए गए डॉ.रामकृष्ण कुसमरिया के अलावा कुछ अन्य बाहरी संभावित चेहरों के नाम भी शामिल हैं। प्रदेश की सत्ता में बहुमत के लिहाज से किनारे पर बैठी कांग्रेस अपने मौजूदा विधायकों में से किसी पर भी लोकसभा चुनाव में दाव लगाने के पक्ष में नहीं है। वह भी मानती है,कि ऐसा करना उसके लिए जोखिम भरा कदम साबित हो सकता है। 
हारे हुए  नेताओं को टिकट मिलने के आसार
 बहरहाल,संभावित उम्मीदवारों के रूप में जिन नेताओं के नाम सामने आए,उनमें हाल में कांग्रेस का दामन थामने वाले पूर्व मंत्री रामकृष्ण कुसमारिया को खजुराहो सीट से लोकसभा प्रत्याशी बनाए जाने के आसार हैं। कुसमरिया पूर्व में खजुराहों से भाजपा के टिकट पर दो बार सांसद रह चुके हैं। इसी तरह भाजपा के कब्जे वाली मुरैना, दमोह, सतना, खंडवा लोकसभा सीट जीतने के लिए पार्टी स्थानीय चेहरों को मौका दे सकती हैं। इनमें मुरैना से रामनिवास रावत, दमोह से मुकेश नायक, सीधी से अजय सिंह, सतना से राजेंद्र सिंह, खंडवा से अरुण यादव व ग्वालियर से ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाम सामने आया है,हालांकि सिंधिया की ग्वालियर से उम्मीदवारी इस बात पर भी निर्भर करेगी कि भाजपा की ओर से कहीं उनके परिवार के किसी अन्य सदस्य को उम्मीदवार न बनाया जाए।
सिंधिया की  वर्तमान सीट गुना से उनकी धर्मपत्नी प्रियदर्शिनी का नाम सामने आया है। वह इसे लेकर सक्रिय भी हो गई हैं और आगामी 18 फरवरी से गुना क्षेत्र का दौरा भी करने जा रही हैं। हालांकि पति पत्नी को एक साथ टिकट देने की बात दूर की कौड़ी मानी जा रही है,लेकिन कांग्रेस की नजर आसपास की लोकसभा सीटों पर भी है,जिसे वह सिंधिया के जरिए हासिल करने का प्रयास करेगी। वैसे भी पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस जयवद्र्धन सिंंह व लक्ष्मण सिंह को टिकट देकर इस धारणा  को तोड़ चुकी है।  इधर, राज्य सभा सांसद दिग्विजय सिंह एक बार फिर राजगढ़ लोकसभा सीट से चुनाव मैदान में उतरने की इच्छुक हैं। हाल ही में उन्होंने इसका खुलासा भी किया था। उनकी सीट में बदलाव की स्थिति में राजगढ़ से उनके अनुज लक्ष्मण सिंह के बेटे को मौका दिया जा सकता है।  
भोपाल,इंदौर,विदिशा को लेकर दुविधा
 कांग्रेस के समक्ष बड़ी दुविधा भोपाल ,इंदौर व विदिशा सीट को लेकर है। शुक्रवार को कांग्रेस महिला नेत्री ने इंदौर की मौजूदा सांसद व लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन ताई से इंदौर सीट की चाबी मांग कर एक तीर से दो निशाने साधने वाला बयान दिया। वहीं ताई ने भी इसे उतनी ही खूबी से टालते हुए इस सीट की चाबी संभालने में फिलहाल खुद को सक्षम बताया। कांग्रेस अब तक इस सीट से ताई क ा मुकाबला कर सकने वाला चेहरा नहीं तलाश पाई है। पार्टी की ओर से पंकज संघवी,सत्यनारायण पटेल के  नाम अब तक सामने आए हैं।
वहीं भोपाल में दोनों ही दलों के पास  प्रत्याशियों के चयन क ो लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इसी तरह विदिशा में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की धर्मपत्नी को टिकट मिलने की स्थिति में कांग्रेस को प्रत्याशी चयन में कड़ी चुनौती मिल सकती है। जबलपुर में कांग्रेस की ओर से अब तक उसकी ओर से राज्य सभा सांसद विवेक तन्खा के परिवारिक सदस्य का नाम सामने आया है। वहीं छिंदवाड़ा से मुख्यमंत्री कमलनाथ के बेटे नकुल नाथ को प्रत्याशी बनाया जाना तय माना जा रहा है।
मप्र के मुख्यमंत्री कमलनाथ के पुत्र नकुलनाथ को छिंदवाड़ा से लोकसभा चुनाव का टिकट मिलना तय माना जा रहा है। रविवार को कमलनाथ ,अपने बेटे के साथ छिंदवाड़ा पहुंचे ,इस दौरान समर्थकों ने नकुल को साफा पहनाकर एक तरह से उनकी ताजपोशी भी कर दी
रविवार को मुख्यमंत्री अपने बेटे के साथ छिंदवाड़ा पहुंचे। इस दौरान विधायक दीपक सक्सेना ने जहां नकुलनाथ को अगला प्रत्याशी बताया तो उनके समर्थन में पार्टी कार्यकर्ताओं ने नारे भी लगाए।  गौरतलब है, प्रदेश की 29 सीटों में से कांग्रेस के पास फिलहाल तीन सीटें हैं। इनमें छिंदवाड़ा के अलावा,गुना व झाबुआ-रतलाम सीट शामिल हैं। तीसरी सीट उसे उपचुनाव में हासिल हुई थी।

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