मप्र :हनीट्रैप मामले में पुलिस ने देर रात इंदौर के एक मीडिया हाउस समेत पांच स्थानों पर मारे छापे

इंदौर // हनीट्रैप मामले में एक मीडिया हाउस और उससे जुड़े संस्थानों और निवास पर पुलिस ने शनिवार देर रात छापा मारा। कार्रवाई के पीछे की वजह हनीट्रैप से जुड़े मामले में हो रहे नए-नए खुलासों को बताया जा रहा है। पुलिस और प्रशासन ने शाम से ही छापा मारने की रणनीति तैयार कर ली थी।
रात साढ़े 11 बजे पुलिस, नगर निगम, बिजली कंपनी, आबकारी विभाग, खाद्य विभाग के अमले ने एक साथ गीता भवन और साउथ तुकोगंज स्थित दो होटलों, न्यू पलासिया स्थित रेस्त्रां, प्रेस कॉम्प्लेक्स स्थित मीडिया हाउस, कनाड़िया रोड स्थित निवास पर एक साथ छापा मारा। मौके पर पहुंचे पुलिस अफसरों और संस्थान के कर्ता-धर्ताओं के बीच जमकर हुज्जत हुई। उन्होंने कहा कि आप किस तरह की कार्रवाई करने आए हैं? उन्होंने भारी पुलिस बल लाने पर आपत्ति ली और अतिरिक्त बल हटाने के लिए कहा।

एसडीएम राकेश शर्मा ने संस्थान से जुड़े अमित सोनी से कहा कि वे सर्चिंग करने आए हैं और उन्हें न रोका जाए। सोनी ने कहा कि सर्चिंग के लिए दो-तीन अफसर जा सकते है। इसके बाद चुनिंदा अफसरों की टीम कार्रवाई करने भीतर पहुंची। देर रात 11 गाड़ियों समेत दो वज्र वाहन भरकर 70-80 पुलिसबल कनाड़िया रोड स्थित मकान पर पहुंचे। 30 से 40 जवान घर के अंदर घुसे और सर्चिंग शुरू कर दी। घर में घुसने को लेकर पुलिस और परिजनों के बीच विवाद भी हुआ।
शाम को तैयार हो गई थी रणनीति
हनीट्रैप मामले में लगातार हो रहे खुलासे के बाद मीडिया हाउस ने शनिवार को कोर्ट में हार्ड डिस्क वकील के माध्यम से पेश की थी। इसमें कई बड़े राजनेता और ब्यूरोक्रेट के फुटेज भी बताए जा रहे हैं। इसके बाद मीडिया हाउस के कर्ता-धर्ता को मिली पुलिस सुरक्षा हटा ली गई। बताते हैं कि शाम से ही कार्रवाई की रणनीति तैयार हो गई थी। छापा मारने से पहले सभी टीमों को पहले रेसीडेंसी कोठी पर बुलवा लिया गया था तब तक गीताभवन क्षेत्र स्थित होटल पर भारी भीड़ लग चुकी थी।
कैलाश विजयवर्गीय ने की निंदा
बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने हनीट्रैप मामले में सच को उजागर करने वाले पत्रकार के परिवार पर हुई कार्यवाही को निंदनीय बताया है।
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि हम छापों के खिलाफ नहीं है ,लेकिन कोई पत्रकार सच को उजागर कर रहा है और उस पर बदले की नियत से कार्रवाई की जाए।। छापे डाले जाए तो मैं इसकी घोर निंदा करता हूं।
हनी ट्रैप मामले में अब तक कई बड़े रसूखदार चेहरे बेनकाब हो चुके हैं।। जिन्हें दबाने की सरकार और पुलिस ने पुरजोर कोशिश की और अब भी निजी मीडिया समूह के पत्रकार और उनके परिवार को प्रताड़ित कर रिकॉर्ड जप्त करने की कोशिश की जा रही है।। ताकि सच कभी सामने ना आ सके।। और सरकार के ढ़ीली लंगोट के अधिकारी बच निकलने में कामयाब हो सकें।।

पत्रकारिता पर कुठाराघात
एम पी वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राधावल्लभ शारदा,प्रांतीय महासचिव विनोद खुजनेरी ने कहा ,कि इन्दौर में संझा लोक स्वामी के कार्यालय में आधी रात को पुलिस की कार्यवाही ने आपातकाल की याद ताजा कर दी ।
प्रश्न यह उठता है कि समाचार पत्र के पास हाईप्रोफाइल सेक्स रैकेट से जुड़े दस्तावेज कैसे पहुंचे । जांच का विषय तो बाद का है सबसे पहले उस व्यक्ति को गिरफ्तार करना चाहिए जिसके पास दस्तावेज थे ।

एम पी वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन ने हमेशा सरकार से मांग की थी कि पत्रकार कि शिकायत दर्ज करने से पहले शिकायत करने वाले के कामों की जांच होनी चाहिए ।
हमारी यूनियन की मांग है कि सबसे पहले समाचार पत्र के कार्यालय के ताले खोलें जाय और उस व्यक्ति को गिरफ्तार किया जाय जिसके पास दस्तावेज आदि थे ।
इस घटना की एम पी वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन के समस्त सदस्यों ने घोर निन्दा की है ।

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