बैक पेन के मरीज बन युवा

बैक पेन यानी कमर दर्द और खासतौर पर लोअर बैक पेन आज सिर्फ बुजुर्गों में होनेवाली बीमारी नहीं रह गई है। बल्कि 20 25 साल के युवा भी इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। अगर एक बड़े वर्ग की बात की जाए तो सीटिंग जॉब करनेवाली युवा आबादी बड़ी संख्या में इस बीमारी का शिकार हो रही है। इससे बचने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है…

आप जब भी बैठकर कोई काम करें तो कमर को सीधा रखें। कुछ लोगों को आदत होती है कि वे कुछ भी काम करते वक्त आड़े-टेढ़े होकर बैठते हैं। इससे मांसपेशियों और कमर पर दबाव पड़ता है और दर्द को आसानी से दावत मिल जाती है। इसलिए बैठते वक्त अपने पॉश्चर का ध्यान जरूर रखें।

ब्रेक ना लेना
कई-कई घंटे एक ही सीट पर बैठे रहना और बीच में ब्रेक ना लेना या बहुत कम लेना भी बैकऐक को दावत देना है। एक ही जगह पर बैठे रहने या फिर लेटे रहने की वजह से भी कमर में दर्द हो सकता है। इसलिए डॉक्टर सलाह भी देते हैं कि लगातार बैठने या लेटे रहने के बजाय बीच-बीच में उठकर वॉक करते रहना चाहिए।

सबकी हदें होती हैं
युवाओं के साथ सबसे बड़ी दिक्कत होती है कि अक्सर वे अपने जोश के चलते ही खुद को नुकसान पहुंचा लेते हैं। अगर भारी सामान उठा लिया है और कमर में अचानक ही झटका आ गया है तो इससे भी कमर में दर्द की समस्या हो सकती है।

आपका बिस्तर
बेहद नर्म बिस्तर और मोटा तकिया युवाओं को आरामदायक लगता है। जबकि अधिक मोटा तकिया लगाने या फिर जिस मैट्रेस पर आप सोते हैं उसकी वजह से भी कमर में दर्द हो सकता है। मुलायम और मखमली मैट्रेस के बजाय जूट के या फिर थोड़े सख्त मैट्रेस इस्तेमाल करने चाहिए।

आपका लाइफस्टाइल
कमर में दर्द के लिए आपका सिटिंग या स्टैंडिग पोश्चर तो जिम्मेदार है ही, साथ ही आपका लाइफस्टाइल और खान-पान भी जिम्मेदार है। कई लोग हेल्दी खाने-पीने के बजाय जंक फूड को तरजीह देते हैं। नौकरीपेशा लोगों में यह आदत ज्यादा देखी गई है क्योंकि बिजी होने के चलते वे कई बार खाना स्किप कर देते हैं नहीं तो कुछ जंक फूड ही खा लेते हैं। इससे शरीर में पोषक तत्वों की कमी तो होती ही है साथ ही वजन भी बढ़ने लगता है और कमर दर्द की दिक्कत हो सकती है।

आदत बना लें
नियमित रूप से एक्सर्साइज न करने से भी कमर में दर्द हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि एक्सर्साइज न करने से शरीर की मांसपेशियां अकड़ जाती हैं और ऐंठन होने लगती है। इस वजह से कमर दर्द की शिकायत हो जाती है। एक्सर्साइज की मदद से हड्डियों और मांसपेशियों में लचीलापन आता है और दर्द से निजात मिलती है।

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