क्या आप भी स्किन को करते है ओवरमॉइश्चराइज? जानें इसके लक्षण और नुकसान?

मॉइश्चराइजर स्किन को हाईड्रेड बनाता है, सूरज की यूवी किरणों से बचाव करता है और एंटी एजिंग समस्या से लड़कर त्वचा को और ज्यादा खूबसूरत बनाता है। इन्हीं सब कारणों से मॉइश्चराइजर स्किन केयर रूटीन में बहुत ही जरूरी स्टेप है। इतना ही नहीं, इसी की वजह से त्वचा किसी भी तरह के स्किन प्रोडक्ट्स को आसानी से सोखने में सक्षम होती है। त्वचा को अच्छे से मॉइश्चराइज करने का मतलब है त्वचा की तमाम परेशानियों से दूर रहना। ऐसे में क्या कभी सोचा है कि स्किन के लिए मॉइश्चराइजर की भी ओवरडोज हो सकती है? साथ ही ऐसा होने पर त्वचा को क्या क्या नुकसान हो सकता है? तो चलिए आज इन सभी सवालों के जवाब खोजते हैं।

मॉइश्चराइजर की भी होती है ओवरडोज!
कहते हैं न कि किसी भी चीज की अधिकता कभी भी अच्छी नहीं होती। इससे काम बनने के बजाए, कभी कभी बिगड़ भी जाता है। ऐसे में आप माने या न मानें, लेकिन कई बार हम चेहरे पर भी मॉइश्चराइजर ज्यादा लगा लेते हैं जिससे चेहरे की त्वचा हेल्दी बनने के बजाए और ज्यादा बिगड़ जाती है। दरअसल मॉइश्चराइजर का फॉर्म्युला बहुत गाढ़ा होता है, इसलिए उसकी जरा सी मात्रा में भी आपका काम हो जाएगा। त्वचा आसानी से सारा मॉइश्चराइजरर सोख लेगी जबकि इसकी ज्यादा मात्रा लगाने का कोई खास असर नहीं होता।

ओवरमॉइश्चराइजर के लक्षण
चूंकि अब हम जान चुके हैं कि कभी कभी हम चेहरे को ओवरमॉइश्चराइज भी कर देते हैं तो ऐसे में इसके लक्षणों को जानना भी जरूरी है ताकि हम सही टाइम पर इसका ट्रीटमेंट कर सकें। मॉइश्चराइजर की अधिकता के कारण, आपके चेहरे पर मेकअप सही तरीके से टिकता नहीं है। त्वचा उत्तेजित होने लगती है, साथ ही स्किन बहुत धीरे धीरे किसी भी स्किन केयर प्रोडक्ट को सोख नहीं पाती है।

क्या होता है ओवरमॉइश्चराइजर से?
स्किन को मॉइश्चराइज करते समय यह ध्यान रखना बहुत जरूरी है कि त्वचा हेल्दी बनी रहे। जबकि मॉइश्चराइजर की ज्यादा डोज स्किन को फायदा पहुंचाने के बजाय नुकसान पहुंचा सकती है। असल में मॉइश्चराइजर की ओवरडोज से त्वचा सुस्त, डल और थकी हुई सी महसूस होने लगती है।

प्राकृतिक रूप से आपकी त्वचा सेबियम बनाती है, जिससे त्वचा में नमी बने रहने के साथ मॉइश्चराइज्ड भी रहती है। इतना ही नहीं, इससे स्किन का टेक्स्चर सही और त्वचा लचीली बनी रहती है। ऐसे में जब आप मॉइश्चराइजर ज्यादा मात्रा में लगा लेते हैं तो स्किन को हेल्दी बनाए रखने वाला ​सेबियम कम मात्रा में बनने लगता है।

जैसा कि पहले ही बताया जा चुका है कि मॉइश्चराइजर एक ​गाढ़ा फार्मोल्युशन होता है। ऐसे में इसकी अधिकता से त्वचा के सभी पोर्स बंद होने लगते हैं और पिम्पल, ब्लैकहैड्स और डेड स्किन जैसी तमाम समस्याओं से गुजरना पड़ता है। इ​सलिए बेहतर होगा कि आप कभी भी मॉइश्चराइजर को ज्यादा मात्रा में न लगाएं।

कितनी बार करें मॉइश्चराइज?
त्वचा को आप रोज मॉइश्चराइज करें, हो सके तो सुबह तैयार होते हुए और रात को सोने से पहले मॉइश्चराइजर जरूर लगाएं।

कैसे बचें मॉइश्चराइजर की ओवरडोज से
स्किन को ओवर मॉइश्चराइज होने से बचाने का सबसे बढ़िया तरीका है कि आप अपनी हल्की गीली त्वचा में ही मॉइश्चराइजर लगा लें। इससे मॉइश्चराइजर ज्यादा मात्रा में नहीं लगेगा और आपकी त्वचा को नुकसान भी नहीं होगा।

साथ ही मॉइश्चराइजर से पहले हफ्ते में कम से कम एक बार त्वचा से डेड स्किन निकाल लेना बहुत जरूरी है। इससे होगा ​यह कि त्वचा के सभी पोर खुल जाएंगे और त्वचा आसानी से सभी स्किन प्रोडेक्ट्स को सोख लेगी। आप चाहें तो मॉइश्चराइजर लगाने से पहले टोनर भी लगा सकते हैं, जिससे निश्चित रूप से स्किन अच्छे से मॉइश्चराइजर को सोख लेगी। साथ ही ध्यान रहे कि आप अपनी त्वचा के अनुरूप मॉइश्चराइजर की मात्रा कम और ज्यादा करें।

 

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