‘गोलगप्पा ब्वॉय’ को कोच ज्वाला ने तपाया, अब टीम इंडिया में एंट्री को तैयार

 
मुंबई 

'गोलगप्पा ब्वॉय' यशस्वी जायसवाल ने क्रिकेट की दुनिया में अपने बल्ले से जो इतिहास गढ़ दिया वो लंबे वक्त तक याद किया जाएगा. वैसे क्रिकेट की दुनिया में रिकॉर्ड बनने और टूटने का सिलसिला तो चलता रहता है, लेकिन कुछ रिकॉर्ड्स बनाने वाले खिलाड़ी अध्याय लिखकर जाते हैं. शायद उसमें यशस्वी का भी नाम शामिल हो चुका है.

कौन है यशस्वी को परखने वाला शख्स?

कहा जाता है क्रिकेट में करियर बनाना कोई 'खेल' नहीं है, लेकिन किस्मत साथ दे और इरादा पक्का हो तो सब मुमकिन है. यूपी के भदोही जिले के रहने यशस्वी साल 2011 में एक बड़ा सपना संजोए मुंबई अपने चाचा के पास आए थे. उस वक्त चाचा की भी हैसियत नहीं थी मुंबई में क्रिकेट खिलाने की सोच सकें क्योंकि तंगी में वो भी थे और यशस्वी के घर वाले भी, लेकिन यशस्वी ठान चुके थे कि मुंबई आए हैं तो कुछ करना है.

मुंबई वाले चाचा का घर छोटा था तो शुरू में किसी तरह एक डेयरी शॉप में रहने की जगह बनी. फिर उन्होंने खुद के खर्च के लिए गोलगप्पे बेचने का काम शुरू किया, लेकिन यशस्वी जिस इरादे (क्रिकेट) से मुंबई आए थे, उससे तालमेल नहीं बन रहा था. उम्र भी ज्यादा नहीं थी, इसलिए साहस भी डगमगा रहा था और पैसों की कड़की पहले से थी.

इस बीच 2013 में मुंबई के आजाद मैदान में यशस्वी पर ऐसे शख्स की नजर पड़ी, जो उनकी तरह क्रिकेट खेलने मुंबई आया था. उस शख्स ने भी मुंबई में बहुत धक्के खाए थे, तंगी को करीब से देखा था. शायद यही वजह होगी कि उसे यशस्वी की परख सबसे अच्छे थी. ये शख्स कोई और नहीं यशस्वी के कोच ज्वाला सिंह हैं. ज्वाला सिंह की नर्सरी से ही पृथ्वी शॉ भी निकले हैं.
 

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