छग : प्रदेशव्यापी साक्षरता सप्ताह में दिखी छत्तीसगढ़ी संस्कृति एवं लोक परम्परा की झलक

छग राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण द्वारा आयोजित प्रदेशव्यापी साक्षरता सप्ताह
रायपुर// राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण द्वारा प्रदेश में साक्षरता के पक्ष में वातावरण निर्माण करने के लिए प्रदेशव्यापी साक्षरता सप्ताह 14 सितम्बर तक आयोजित किया जा रहा है। ‘डिजिटल साक्षर बनव नवा छत्तीसगढ़ गढ़व‘ की परिकल्पना को साकार करने के लिए इस बार हिन्दी के साथ-साथ छत्तीसगढ़ी भाषा में भी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
छग राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण द्वारा आयोजित प्रदेशव्यापी साक्षरता सप्ताह
राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के संचालक और सदस्य सचिव श्री एस.प्रकाश ने बताया कि साक्षरता सप्ताह के प्रथम दिन छत्तीसगढ़ी प्रेरणा गीत पढ़े ला जाबो…, आदमी हो आदमी के वास्ते पढ़ो… प्रेरणा गीत का सामूहिक गान, साक्षरता मानव श्रृंखला का आयोजन किया गया।
द्वितीय दिवस साक्षरता संगोष्ठी, परिचर्चा का आयोजन साहित्यकार, लेखक, पत्रकार, बुद्धिजीवी, अधिकारी-कर्मचारी, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद्, साक्षरता कार्यक्रम से जुड़े शासकीय-अशासकीय व्यक्ति, नवसाक्षर की उपस्थिति में ‘साक्षर महिला साक्षर भारत‘ विषय पर आयोजित किया गया।
तृतीय दिवस साक्षरता पर शासकीय-अशासकीय स्कूल और कॉलेजों में ग्राम और नगरीय स्तर पर साक्षरता आधारित क्वीज, भाषण, वाद-विवाद, निबंध, चित्रकला, मेंहदी, रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन पढ़व-बढ़व, साक्षर बनके जिनगी ल गढ़, तभे गढ़बो नवा छत्तीसगढ़, साक्षरता ले होही नवा बिहान विषय पर किया गया।
चतुर्थ दिवस साक्षरता पर पंचायती राज अधिनियमों का सम्मेलन आयोजित कर महिलाओं द्वारा लोक परम्परा में प्रचलित ठेठरी, खुरमी, पपची, बोबरा, पीडिया, चीला, देहरोरी, फेनी, कुसली, अइरसा, गुलगुला, फरा इत्यादि व्यंजनों को तैयार का प्रदर्शन एवं प्रतियोगिता आयोजित की गई।
पंचम दिवस के कार्यक्रम में नव साक्षरों, डिजिटल शिक्षार्थियों के लिए चित्र देखो और लिखो आखर झॉपी और सेतु प्रवेशिका पर आधारित कार्यक्रम स्थानीय संकुल, सरपंच, पंचगण, शिक्षक, पूर्व प्रेरक और अनुदेशकों के सहयोग से आयोजित हुआ।
मिशन संचालक ने बताया कि छठवां दिवस 13 सितम्बर को महिला साक्षरता पर केन्द्रित जागृति शिविर का आयोजन कर महिलाओं के स्वास्थ्य एवं स्वच्छता पर चर्चा करते हुए उनके लिए खेल-कूद प्रतियोगिताओं में खो-खो, कबड्डी, फुगड़ी, मटका-फोड़, रस्सा-खींच, दौड़, सुई-धागा दौड़, कुर्सी-दौड़ और अपने नाम को एक मिनट में अधिक से अधिक बार लिखना, गीत प्रतियोगिताओं में एकल गीत, समूह गीत, जसगीत, भोजली, ददरिया, कर्मा, भड़ौनी, भजन-कीर्तन, रामायण प्रतियोगिता और नृत्य प्रतियोगिताओं में कर्मा, पंथी, सुआ, राउत नाचा जैसे लोक नृत्य आयोजित होंगे।
सातवें दिवस के कार्यक्रम में निर्वाचित जनप्रतिनिधि और अधिकारियों जिला पंचायत की गरिमामय उपस्थिति में जिला स्तरीय ‘आखर सम्मान समारोह‘ का आयोजन किया जाएगा। समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले ई-साक्षरता केन्द्र के ई-एजुकेटर और डिजिटल साक्षर बने उत्कृष्ट शिक्षार्थियों को पुरस्कृत किया जाएगा। कार्यक्रम का समापन साक्षरता संकल्प के साथ होगा।

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