छग राज्य निर्वाचन आयोग ने 138 नेताओं के चुनाव लड़ने पर लगाया प्रतिबंध

रायपुर// राज्य निर्वाचन आयोग ने 138 नेताओं के निकाय चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया है। आयोग ने इन्हें चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य पाया है। यह चुनाव इस साल के अंत तक होने के आसार हैं। प्रतिबन्ध की यह 4 माह 8 महीने के लिए होगी
छग राज्य निर्वाचन आयोग
प्राप्त जानकारी के अनुसार ,रायपुर नगर निगम में केवल तीन लोग ही अयोग्य ठहराए गए हैं। बीरगांव में सबसे ज्यादा 11 लोग हैं, जिन्हें आयोग ने चुनाव के लिए बैन किया है। भिलाई नगर निगम क्षेत्र से पांच लोगों के नाम शामिल हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य लोगों की सूची में उन लोगों के नाम शामिल किए हैं, जिन पर पिछले चुनाव में प्रकरण दर्ज किए गए थे। ज्यादातर नेता ऐसे हैं जिन्होंने चुनाव खर्च की जानकारी सही नहीं दी।
आयोग से मांगी गई जानकारियों को नहीं दे सके या आदर्श आचार संहिता के विपरीत चुनाव के दौरान किसी आचरण के मामले में दोषी पाए गए हैं। ज्यादातर नेताओं पर 2020 तक चुनाव लड़ने पर रोक लगाई गई है। हालांकि चुनाव कार्यक्रम की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन चुनाव लड़ने पर जो रोक लगाई गई है। वो चुनाव के समय में खत्म नहीं होगी। जिन नेताओं पर रोक लगाई गई है, वो पार्षद का चुनाव भी नहीं लड़ सकेंगे।
50 नेताओं पर पहले से रोक
उधर, भारत निर्वाचन आयोग की सूची में करीब 50 ऐसे नेताओं के नाम है जिन पर किसी भी तरह का चुनाव लड़ने के लिए पहले से ही रोक लगाई गई है। पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव और इस साल के लोकसभा चुनाव के बाद इस सूची को भी अपडेट किया गया है। निकाय चुनाव में भारत निर्वाचन आयोग की ओर से अयोग्य ठहराए गए लोग चुनाव नहीं लड़ सकेंगे।
रायपुर में केवल तीन
रायपुर नगर निगम में पिछला चुनाव लड़ने वाले तीन लोगों डॉक्टर गोजूपाल, लिकेश सिंह और होरीलाल यादव के नाम हैं। शहर से सटे बीरगांव नगर निगम में सबसे ज्यादा ग्यारह लोगों को डिसक्वालिफाई किया गया है। भिलाई नगरनिगम में पांच लोगों के नाम है।
रोक की अवधि 4 साल और 8 माह
चुनाव लड़ने पर नेताओं पर लगी रोक की अवधि 4 साल और 8 महीने के लिए है। इन पर राज्य निर्वाचन आयोग के प्रावधानों के मुताबिक विभिन्न धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध है। 138 नेताओं के मामले अभी भी चल रहे हैं। चुनाव से पहले ये सूची एक बार फिर अपडेट होगी।

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