कस्टम-सेंट्रल एक्साइज: भोपाल जोन के 9 अफसरों समेत 22 को अचानक दी अनिवार्य सेवानिवृत्ति

कस्टम-सेंट्रल एक्साइज भोपाल जोन में जबरिया सेवानिवृत्ति की कार्रवाई से हड़कंप, तीन महीने का वेतन देकर दे दी सेवानिवृत्ति।
भोपाल। कस्टम-सेंट्रल एक्साइज व जीएसटी महकमे ने अचानक देश भर के 22 वरिष्ठ अफसरों को अचानक अनिवार्य सेवानिवृत्ति का फरमान सुना दिया है। इस कार्रवाई से पूरे विभाग में हड़कंप की स्थिति है। इनमें नौ अधिकारी भोपाल जोन के हैं जो कि इंदौर, भोपाल, रायपुर और नागपुर कमिश्नरेट में पदस्थ हैं। केंद्र सरकार ने सर्विस कंडक्ट रूल की धारा 56(जे) के तहत यह सख्त कार्रवाई की है।
कस्टम-सेंट्रल एक्साइज भोपाल जोन में जबरिया सेवानिवृत्ति की कार्रवाई से हड़कंप, तीन महीने का वेतन देकर दे दी सेवानिवृत्ति।
सुप्रिंटेंडेंट स्तर के इन अधिकारियों को जबरिया रिटायर करने की इस कार्रवाई से पूरे महकमे में हड़कंप है। कार्रवाई इतनी गोपनीय थी कि किसी को कानों-कान खबर भी नहीं हुई। जबरिया सेवानिवृत्त किए गए कतिपय अधिकारियों का कहना है कि उनके खिलाफ कोई आरोप भी नहीं था और न ही विभागीय जांच पेंडिंग थी, जबकि विभागीय सूत्रों का कहना है कि कुछ अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय जांच और चार्जशीट आदि हुई है।  कार्रवाई देशव्यापी हुई है। इसमें 20 साल की नौकरी अथवा 50 साल की उम्र का मापदंड रखा गया है।
तीन महीने का वेतन देकर कर दी कार्रवाई
भोपाल जोन के चीफ कमिश्नर विनोद सक्सेना ने नौ अधिकारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्त किए जाने की कार्रवाई की पुष्टि की है। इन अधिकारियों में ज्यादातर इंदौर के बताए जाते हैं। बताया जाता है कि विभाग ने दो दिन पहले अचानक इन सभी अधिकारियों को तीन महीने का अग्रिम वेतन देकर घर बिठा दिया। इन्हें सेवा से अलग करने के पीछे कोई कारण नहीं बताया गया। उन्हें एक नोटिस थमाकर ही विभाग का यह फरमान सुना दिया गया।
इन्हें दी अनिवार्य सेवानिवृत्ति
भोपाल जोन के कैलाश वर्मा, केसी मंडल, एम.एस. डामोर, आर.एस. गोगिया, किशोर पटेल, जे.सी. सोलंकी, एस.के. मंडल, गोविंद राम मालवीय एवं ए. यू. छपरगाये शामिल हैं।

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